मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों के गंभीर उल्लंघन पर दक्षिण मुंबई के तीन प्रमुख प्रतिष्ठानों के फूड बिजनेस लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। यह कार्रवाई बार-बार सुधार का अवसर दिए जाने के बावजूद नियमों का पालन नहीं करने पर की गई।
एफडीए के अनुसार, कार्रवाई भेंडी बाजार स्थित शालीमार हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड, नूर मोहम्मदी होटल और उमरखाड़ी स्थित रहमानिया रेस्टोरेंट के खिलाफ की गई। प्रवर्तन अभियान के तहत इन प्रतिष्ठानों का छह बार निरीक्षण किया गया, जिसमें कई गंभीर खामियां सामने आईं।


एफडीए ने बताया कि शालीमार हॉस्पिटैलिटी का लाइसेंस 14 जुलाई को निलंबित किया गया। 16 अप्रैल को हुए निरीक्षण में खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पाए गए थे, जिसके बाद 28 अप्रैल को सुधार नोटिस जारी किया गया। लेकिन 13 जुलाई को दोबारा निरीक्षण करने पर 25 गंभीर कमियां अब भी दूर नहीं की गई थीं।
शालीमार हॉस्पिटैलिटी में रसोई का फर्श गीला और फिसलनभरा पाया गया। कच्चे माल का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था, पीने के पानी की गुणवत्ता की जांच नहीं कराई जा रही थी, खाद्य तेल की गुणवत्ता का रिकॉर्ड नहीं रखा गया था, शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को अलग-अलग नहीं रखा गया था तथा खिड़कियों पर कीटरोधी जाली नहीं लगी थी।
वहीं, नूर मोहम्मदी होटल का लाइसेंस भी 14 जुलाई से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निरीक्षण के दौरान रसोई के फर्श पर मोटी चिकनाई की परत, कबाब सेक्शन के पास खुली खिड़कियां, जिनसे मक्खियां, कीड़े और कौए अंदर आ रहे थे, दीवारों और छत पर उखड़ा हुआ पेंट और गंदगी, कच्चे माल का अस्वच्छ भंडारण, आपूर्तिकर्ताओं का रिकॉर्ड न होना, पुराने और गंदे बर्तनों का उपयोग, पीने के पानी की गुणवत्ता जांच का रिकॉर्ड नहीं होना तथा कीट नियंत्रण के लिए उचित जल निकासी व्यवस्था का अभाव पाया गया।
उमरखाड़ी स्थित रहमानिया रेस्टोरेंट के खिलाफ भी 13 जुलाई को तत्काल प्रभाव से लाइसेंस निलंबन का आदेश जारी किया गया। यहां खाद्य सामग्री, रसायनों और पैकेजिंग सामग्री के उचित भंडारण की व्यवस्था नहीं थी। दरवाजों पर कीटरोधी सुरक्षा नहीं लगी थी, उपकरण जंग लगे और खराब गुणवत्ता के पाए गए, दीवारों और छत का पेंट तथा प्लास्टर उखड़ा हुआ था। इसके अलावा अनिवार्य खाद्य परीक्षण रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे और पीने के पानी की गुणवत्ता की जांच भी नहीं कराई जा रही थी।
एफडीए ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले या खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी खाद्य व्यवसाय संचालक के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


