मुंबई वार्ता संवाददाता

भाजपा नेता किरिट सोमैया के आरोपों के बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने गोवंडी स्थित तहज़ीब इस्लामिक इंग्लिश स्कूल को गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी। कार्रवाई के दौरान सोमैया अपने समर्थकों के साथ मौके पर मौजूद रहे और बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया। हालांकि, बाद में बॉम्बे हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए अगली सुनवाई तक स्कूल को गिराने की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी।


सोमैया ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट कर इस स्कूल को “गैर-कानूनी मदरसा” और “स्कूल जिहाद” से जुड़ा मामला बताया था। BMC ने 14 जुलाई को कार्रवाई शुरू करते हुए कहा कि यह इमारत अवैध निर्माण है और शहर में अवैध स्कूल भवनों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है।
गोवंडी स्थित यह स्कूल स्कॉलर एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा संचालित है, जहां लगभग 600 छात्र, जिनमें अधिकांश आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से हैं, शिक्षा प्राप्त करते हैं। ट्रस्ट ने BMC के तोड़फोड़ आदेश को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है और मुसलमानों के खिलाफ प्रशासनिक स्तर पर भेदभाव किया जा रहा है।
याचिका में यह भी कहा गया कि राज्य सरकार पहले झुग्गी-बस्तियों में संचालित ऐसे शैक्षणिक संस्थानों को नियमित करने की नीति का आश्वासन दे चुकी थी। ट्रस्ट का आरोप है कि BMC की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए 15 दिन के नोटिस संबंधी निर्देशों का भी उल्लंघन करती है।
सुनवाई के दौरान ट्रस्ट ने दलील दी कि BMC यह साबित नहीं कर सकी कि इमारत C-1 श्रेणी की अत्यंत जर्जर और तत्काल गिराए जाने योग्य है। ट्रस्ट के अनुसार, भवन संरचनात्मक रूप से सुरक्षित है, शैक्षणिक गतिविधियों के लिए उपयोग में है और मानसून के दौरान इसे गिराना महाराष्ट्र के आपदा प्रबंधन नियमों के भी विपरीत है।
इन दलीलों पर विचार करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्कूल को अंतरिम राहत देते हुए अगली सुनवाई तक BMC को किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ की कार्रवाई करने से रोक दिया। अदालत ने नगर निकाय से यह भी पूछा कि जब मामला न्यायिक प्रक्रिया में लंबित था, तब इतनी जल्दबाजी में कार्रवाई करने की आवश्यकता क्यों पड़ी।
गौरतलब है कि किरीट सोमैया हाल के दिनों में मुंबई के मुस्लिम बहुल इलाकों और झुग्गी-बस्तियों में कथित अवैध निर्माण तथा अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे को लेकर लगातार अभियान चला रहे हैं। इसी अभियान के तहत उन्होंने गोवंडी स्थित इस स्कूल को भी निशाने पर लिया था।


