मुंबई वार्ता संवाददाता

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के पुणे में आयोजित होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। मुंबई कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेशचंद्र राजहंस ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में बाधा डालने के लिए भाजपा से जुड़े छात्र संगठन एबीवीपी (ABVP) की ओर से छात्रों को डराने-धमकाने का प्रयास किया गया।


राजहंस ने कहा कि पुणे के COEP में छात्राओं ने छात्रवृत्ति से जुड़े मुद्दे पर सवाल उठाते हुए अपनी आवाज उठाई। उनका आरोप है कि विद्यार्थियों के सवाल सुनने के बजाय उन पर दबाव बनाया गया और धमकियां दी गईं। उन्होंने इसे एबीवीपी की ‘गुंडागर्दी’ बताते हुए कहा कि छात्रों की आवाज दबाने की ऐसी कोशिश किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुंबई कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के समर्थन के बिना एबीवीपी के लोगों में इस तरह का साहस नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि एबीवीपी के नाम पर छात्रों के साथ होने वाली दादागिरी और गुंडागर्दी को कांग्रेस किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।
■ पुणे की घटना पर भी जताया विरोध
पुणे में हुई कथित हिंसक घटना का जिक्र करते हुए राजहंस ने कहा कि जब NSUI की छात्राओं और कार्यकर्ताओं ने डरी हुई छात्राओं का साथ देने का प्रयास किया, तब पुणे युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता आनंद दुबे और रिहान बाबुडे के साथ मारपीट की गई। उन्होंने इस घटना को गंभीर और निंदनीय बताया।
राजहंस ने सवाल उठाया कि यदि भाजपा सरकार विद्यार्थियों के सवालों का जवाब नहीं दे सकती, तो क्या उनके सवालों को दबाने के लिए हिंसा का रास्ता अपनाया जाएगा? उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के अधिकारों और उनके सवालों को लेकर किसी भी प्रकार का दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
■ पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग
राजहंस ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में अड़ंगा डालने के लिए सत्तारूढ़ भाजपा की ओर से यह सब किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस से राजनीतिक दबाव में काम नहीं करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पुणे में हजारों छात्राओं से संवाद करने वाले हैं। ऐसे समय में विद्यार्थियों की आवाज दबाने का प्रयास लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है। राजहंस ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में छात्र शामिल न हों, इसके लिए उन्हें डराने और चुप कराने का प्रयास किया जा रहा है।
राजहंस ने कहा कि “सावित्री की बेटियां भाजपा के इस कथित षड्यंत्र का शिकार नहीं होंगी और अपने सवालों की आवाज बुलंद करती रहेंगी।”


