मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई उपनगर जिले के पालकमंत्री तथा सूचना प्रौद्योगिकी एवं सांस्कृतिक कार्य मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार ने अधिकारियों को ‘अभय योजना’ का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले से वर्ष 2000 से पहले के पात्र झुग्गीवासियों के साथ-साथ वर्ष 2000 से 2011 के बीच के उन झुग्गीवासियों को भी योजना का लाभ मिलने का रास्ता साफ होगा, जो एनेक्सचर-II जारी होने के बाद अपात्र झुग्गियों के हस्तांतरण के कारण योजना से वंचित रह गए थे।


वर्तमान में जिन झुग्गी पुनर्वसन योजनाओं में एनेक्सचर-II वर्ष 2011 से पहले जारी किया गया था और जो योजनाएं लंबे समय से अटकी हुई हैं, उनमें पात्र झुग्गीवासियों को ‘अभय योजना’ का लाभ मिल रहा है। हालांकि, एनेक्सचर-II में अपात्र घोषित किए गए ऐसे झुग्गीवासी, जो बाद में लागू हुए नियमों के तहत पात्र हो सकते हैं, तथा एनेक्सचर-II जारी होने के बाद हुए हस्तांतरण के कारण योजना से बाहर रह गए झुग्गीवासी अभी तक इस लाभ से वंचित थे।
मंत्री आशीष शेलार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वर्ष 2000 से 2011 के बीच के पात्र-अपात्र श्रेणी में आने वाले और आवश्यक भुगतान कर चुके झुग्गीवासियों को ‘अभय योजना’ में शामिल करने के लिए जरूरी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्हें योजना के सभी संबंधित लाभ उपलब्ध कराए जाएं।
सरकार के इस निर्णय से अनुमानतः 25,000 झुग्गीवासियों को राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से लंबित पुनर्वसन संबंधी समस्याओं के समाधान में भी इस फैसले से मदद मिलेगी।


