मुंबई वार्ता संवाददाता

संभावित जल संकट से निपटने और पानी के वैकल्पिक स्रोत विकसित करने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने शहर के पारंपरिक कुओं के पुनरुद्धार की योजना बनाई है। एल नीनो के प्रभाव से कम बारिश होने और जलाशयों में पर्याप्त पानी जमा नहीं हो पाने की आशंका के बीच महानगरपालिका अब भूजल संसाधनों का उपयोग बढ़ाने पर जोर दे रही है। इसके तहत शहर के सभी 26 प्रशासनिक वार्डों में कुओं की सफाई, गाद निकालने और उन्हें उपयोग के योग्य बनाने के लिए निधि आवंटित करने की योजना है।


बीएमसी की इस पहल का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर पानी की उपलब्धता बढ़ाना है, ताकि महानगरपालिका की जलापूर्ति पर दबाव कम किया जा सके। हालांकि, कुओं के पानी का इस्तेमाल मुख्य रूप से पीने के अलावा अन्य कार्यों के लिए किया जाएगा।
बीएमसी के अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (परियोजना) अभिजीत बांगर के अनुसार, कुओं का पुनरुद्धार तभी उपयोगी होगा, जब उनसे उपलब्ध पानी को लोगों तक पहुंचाने की उचित व्यवस्था भी हो। इसलिए केवल कुओं की सफाई करने के बजाय पानी के वितरण और उपयोग की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाएगा। जिन आवासीय परिसरों में कुएं हैं, वहां इस पानी का इस्तेमाल बगीचों में पानी देने और गाड़ियों की धुलाई जैसे कामों के लिए किया जा सकेगा। झुग्गी-बस्तियों में भी स्थानीय उपयोग के लिए पानी जमा करने की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई में लगभग 3,000 कुओं की पहचान की गई है। हालांकि, सभी कुओं का पुनरुद्धार एक साथ करने के बजाय वहां प्राथमिकता दी जाएगी, जहां पानी की वास्तविक जरूरत है और उसके उपयोग की व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सकती है। इससे संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करने की कोशिश होगी।इसके अलावा, महानगरपालिका भूजल में समुद्री पानी के प्रवेश और बढ़ती लवणता की समस्या का भी अध्ययन करा रही है। समुद्र के खारे पानी के भूजल में मिलने से कई स्थानों पर कुओं का पानी घरेलू उपयोग के लिए अनुपयुक्त हो सकता है। इसके लिए पानी के नमूनों की जांच और लवणता नियंत्रित करने के उपायों पर काम किया जा रहा है। साथ ही, वर्षा जल को जमीन में पहुंचाने के लिए नए भूजल पुनर्भरण ढांचे विकसित करने की योजना भी है।
पानी के टैंकरों की बुकिंग के लिए मोबाइल ऐप भी बनेगाबीएमसी कुओं के पुनरुद्धार के साथ पानी के टैंकरों की बुकिंग प्रक्रिया को भी आसान बनाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत नागरिक मोबाइल ऐप के जरिए टैंकर बुक कर सकेंगे, भुगतान कर सकेंगे और टैंकर की आपूर्ति की स्थिति पर नजर रख सकेंगे। फिलहाल टैंकर बुक करने के लिए लोगों को संबंधित वार्ड कार्यालयों में जाना पड़ता है। नई व्यवस्था लागू करने के लिए प्रस्ताव को मंजूरी हेतु स्थायी समिति के समक्ष रखा जाएगा।मुंबई को प्रतिदिन लगभग 4,100 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है।
13 अक्टूबर 2026 को शहर को पानी उपलब्ध कराने वाली सात झीलों में कुल जल भंडार उनकी क्षमता का 92.36 प्रतिशत दर्ज किया गया था। इसके बावजूद कम बारिश और भविष्य में एल नीनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए बीएमसी ने घरेलू जलापूर्ति में 10 प्रतिशत और व्यावसायिक एवं औद्योगिक उपयोग में 20 प्रतिशत की कटौती जारी रखने की बात कही है।
महानगरपालिका की इस योजना का मुख्य उद्देश्य पानी की कमी की स्थिति में वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध रखना, भूजल का बेहतर उपयोग करना और टैंकरों पर निर्भर नागरिकों को राहत देना है। हालांकि, योजना की वास्तविक सफलता कुओं की स्थिति, भूजल की गुणवत्ता और पुनरुद्धार के बाद पानी के प्रभावी उपयोग पर निर्भर करेगी।


