■ रेलवे अपराध शाखा ने 14 घंटे के भीतर बच्ची को सुरक्षित बरामद किया, पहचान छिपाने के लिए काट दिए थे उसके बाल।
मुंबई वार्ता संवाददाता

छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) रेलवे स्टेशन पर माता-पिता के पास सो रही एक साल की बच्ची के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी महिला कथित तौर पर बच्ची का इस्तेमाल भीख मंगवाने के लिए करना चाहती थी। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) और रेलवे अपराध शाखा की तत्परता से बच्ची को करीब 14 घंटे के भीतर सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पुलिस ने इस मामले में पूजा शिंदे नामक महिला को गिरफ्तार किया है।


पुलिस के अनुसार, बच्ची के माता-पिता मूल रूप से उस्मानाबाद (वर्तमान धाराशिव) जिले के रहने वाले हैं और मुंबई के घाटकोपर स्थित रमाबाई आंबेडकर नगर में मजदूरी करते हैं। 15 अक्टूबर 2026 को दंपती अपनी एक साल की बेटी के साथ गांव जाने के लिए सीएसएमटी स्टेशन पहुंचे थे। उन्हें लातूर एक्सप्रेस से यात्रा करनी थी, लेकिन ट्रेन छूट जाने के कारण परिवार को स्टेशन पर ही रात बितानी पड़ी।
दंपती प्लेटफॉर्म नंबर 12 और 13 के सामने मुख्य हॉल में एक स्टील की बेंच के पास सो गए थे। 16 अक्टूबर की सुबह करीब चार बजे बच्ची की मां ने उसे दूध पिलाया और फिर सो गईं। सुबह लगभग 5:25 बजे पुलिस की सीटी की आवाज सुनकर उनकी नींद खुली, तो बच्ची उनके पास नहीं थी। माता-पिता ने स्टेशन परिसर में उसकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिलने पर ड्यूटी पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों को इसकी सूचना दी।
■ सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग
शिकायत मिलने के बाद रेलवे पुलिस ने स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक महिला बच्ची को उठाकर ले जाती दिखाई दी। इसके बाद पुलिस ने सीएसएमटी के साथ मुंबई और आसपास के रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की। जांच के दौरान संदिग्ध महिला के दिवा स्टेशन तक पहुंचने की जानकारी मिली।रेलवे अपराध शाखा की टीम ने दिवा इलाके में तलाश अभियान चलाकर आरोपी महिला को हिरासत में लिया और उसके पास से बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया। पुलिस ने बच्ची को उसकी मां के हवाले कर दिया है।
■ पहचान छिपाने के लिए काटे बच्ची के बाल
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी महिला ने बच्ची की पहचान छिपाने के उद्देश्य से उसके बाल काट दिए थे। पुलिस को संदेह है कि बच्ची का अपहरण उसे भीख मंगवाने के लिए इस्तेमाल करने के इरादे से किया गया था। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2) के तहत अपहरण का मामला दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस घटना के पीछे कोई अन्य व्यक्ति या गिरोह शामिल है या नहीं। घटना ने रेलवे स्टेशनों जैसे भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।स्रोत: टाइम्स ऑफ इंडिया, ई-सकाळ और अन्य प्रकाशित समाचार रिपोर्ट।


