■ महापौर रितु तावड़े ने किया शिविर का उद्घाटन, वातानुकूलित कक्ष में होंगी जटिल सर्जरी; गायों के पेट से 40 से 50 किलो प्लास्टिक निकलने पर जताई चिंता।
मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

बेजुबान पशु-पक्षियों को असहनीय पीड़ा से मुक्ति दिलाकर उन्हें नया जीवन देने के लिए समाज के सभी लोगों को संवेदनशीलता के साथ आगे आना चाहिए। गाय, भैंस, कुत्ते और अन्य बेजुबान जीव भी गंभीर बीमारियों और दुर्घटनाओं के कारण दर्द सहते हैं, लेकिन वे मनुष्यों की तरह अपनी तकलीफ बता नहीं सकते। इसलिए उनकी देखभाल करना हम सभी का दायित्व है। यह आह्वान मुंबई की महापौर रितु राजेश तावड़े ने किया।


राष्ट्रसंत श्री नम्रमुनि महाराज की प्रेरणा से बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी), महाराष्ट्र सरकार के पशुपालन विभाग तथा ‘अरहम युवा सेवा ग्रुप’ (अरहम ऑलवेज केयर) के संयुक्त तत्वावधान में घाटकोपर पूर्व स्थित आराध्य भक्ति पार्क (पुलिस हॉकी मैदान) में दो दिवसीय निःशुल्क पशु महाशल्य चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया है। बुधवार, 21 अक्टूबर को सुबह महापौर रितु तावड़े ने इस शिविर का उद्घाटन किया। यह शिविर 21 और 22 अक्टूबर तक चलेगा।


इस अवसर पर शिविर की संकल्पना के प्रमुख प्रेरणास्रोत राष्ट्रसंत श्री नम्रमुनि महाराज, स्थानीय विधायक पराग शाह, बीएमसी के पशु चिकित्सा सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख डॉ. कलीमपाशा पठाण, मुंबई पशु चिकित्सा महाविद्यालय के शल्य चिकित्सा एवं एक्स-रे विभाग के प्रमुख डॉ. गजेंद्र खांडेकर, पेट प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन ऑफ मुंबई के अध्यक्ष डॉ. अनिल वडे, महाराष्ट्र सरकार के पशुपालन विभाग के क्षेत्रीय सहआयुक्त डॉ. प्रशांत कांबले और सहायक आयुक्त डॉ. एल. डी. पवार सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।उद्घाटन के बाद महापौर और अन्य अतिथियों ने शिविर का निरीक्षण किया तथा पशुओं की जांच, शल्य चिकित्सा और उपचार के लिए उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं की जानकारी ली।
■ वातानुकूलित शिविर में जटिल सर्जरी और उपचार की निःशुल्क व्यवस्था
अक्टूबर महीने में बढ़ती गर्मी को देखते हुए बीमार, कमजोर और शल्य चिकित्सा कराने वाले पशुओं को राहत देने के लिए पूरे शिविर में वातानुकूलित मंडप बनाया गया है। इसमें आधुनिक शल्य चिकित्सा कक्ष, जांच कक्ष, ऑपरेशन के बाद गहन देखभाल की सुविधा, सुरक्षित आश्रय तथा चारे और पानी की व्यवस्था की गई है।विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की देखरेख में यहां सींगों के कैंसर, हर्निया, आंखों और पूंछ के कैंसर, विभिन्न प्रकार की गांठों और ट्यूमर, मोतियाबिंद तथा हड्डियों से संबंधित जटिल समस्याओं का उपचार किया जा रहा है। इसके अलावा पशुओं के पेट से प्लास्टिक और अन्य बाहरी पदार्थ निकालने के लिए रुमेनोटॉमी सहित छोटी-बड़ी शल्य चिकित्सा भी पूरी तरह निःशुल्क की जा रही है।
शिविर के पहले दिन सुबह तक 110 से अधिक बीमार और जरूरतमंद पशुओं का पंजीकरण किया जा चुका था। इन पशुओं का उपचार और आवश्यक शल्य चिकित्सा विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में की जा रही है।बीएमसी की ओर से शिविर के आयोजन में आवश्यक सहयोग, सुविधाएं और कर्मचारियों की व्यवस्था की गई है। अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) प्राजक्ता वर्मा-लवंगारे और उपायुक्त (विशेष) विनायक विसपुते के निर्देश पर महानगरपालिका ने यह व्यवस्था उपलब्ध कराई है।
■ गायों के पेट से निकल रहा 40 से 50 किलो प्लास्टिक
शिविर का निरीक्षण करते समय महापौर रितु तावड़े ने गायों और भैंसों के पेट से बड़ी मात्रा में प्लास्टिक निकलने की घटना पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कई बार लोग पशुओं को भोजन खिलाते समय प्लास्टिक की थैलियों का इस्तेमाल करते हैं या बचा हुआ खाना प्लास्टिक में बांधकर सड़क पर फेंक देते हैं। भूखे पशु भोजन के साथ प्लास्टिक भी निगल जाते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है।
महापौर ने बताया कि शिविर में शल्य चिकित्सा के दौरान एक-एक गाय के पेट से 40 से 50 किलो तक प्लास्टिक का जमा हुआ ढेर निकाले जाने की बात सामने आई है। यह स्थिति बेहद दर्दनाक है और मन को झकझोर देती है।उन्होंने कहा कि बेजुबान पशु अपनी पीड़ा व्यक्त नहीं कर सकते और न ही अपनी तकलीफ की शिकायत कर सकते हैं। ऐसे में उनकी उचित देखभाल करना मनुष्य का नैतिक कर्तव्य है। पशुओं के स्वास्थ्य और पर्यावरण की रक्षा के लिए मुंबई, महाराष्ट्र और पूरे देश को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में गंभीर प्रयास करने की आवश्यकता है।
महापौर ने नागरिकों से अपील की कि पशुओं को भोजन देते समय प्लास्टिक की थैलियों का इस्तेमाल न करें और खाने के अवशेष प्लास्टिक में बांधकर खुले में न फेंकें। उन्होंने कहा कि ये पशु भले ही बेघर हों, लेकिन जब तक समाज उनके साथ खड़ा है, तब तक वे असहाय नहीं हैं।
■ बीमार और घायल पशुओं के उपचार के लिए हेल्पलाइन जारी
महापौर रितु तावड़े ने नागरिकों से अपील की कि यदि उनके आसपास कोई बीमार, घायल, ट्यूमर से पीड़ित या शल्य चिकित्सा की आवश्यकता वाला पशु-पक्षी दिखाई दे, तो उसकी जानकारी तत्काल संबंधित शिविर तक पहुंचाएं, ताकि उसे समय पर उपचार मिल सके।इसके लिए नागरिक animalcamp.alwayscare.org वेबसाइट पर जाकर पशु के उपचार के लिए मामला दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा 96358 39888 हेल्पलाइन नंबर पर भी संपर्क किया जा सकता है।
महापौर ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद पशुओं को समय पर चिकित्सा उपलब्ध कराना, उनकी पीड़ा कम करना और उन्हें नया जीवन देने का अवसर प्रदान करना है। उन्होंने नागरिकों से शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाने और बेजुबान जीवों की सेवा में सहयोग करने का आह्वान किया।


