मुंबई वार्ता संवाददाता

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मुंबई में आयकर विभाग के एक निरीक्षक को 15 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए कथित तौर पर रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सुभाष कुमार यादव के रूप में हुई है। वह दक्षिण मुंबई के बैलार्ड एस्टेट स्थित स्किंडिया हाउस के आयकर विभाग की जांच शाखा में तैनात था। आरोप है कि उसने आयकर विभाग की बेनामी निषेध इकाई के पास लंबित बेनामी संपत्ति से जुड़े मामले को बंद कराने के बदले रिश्वत मांगी थी।


सीबीआई के अनुसार, मुंबई के एक व्यक्ति की शिकायत के आधार पर 27 अक्टूबर 2026 को आयकर निरीक्षक सुभाष कुमार यादव और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप था कि संबंधित अधिकारी ने बेनामी संपत्ति से जुड़े मामले को बंद कराने में मदद करने के लिए उससे 20 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
■ बातचीत के बाद 15 लाख रुपये लेने पर हुआ था तैयार
शिकायत के अनुसार, बातचीत और मोलभाव के बाद आरोपी अधिकारी 20 लाख रुपये के बजाय 15 लाख रुपये लेने पर सहमत हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने सीबीआई से संपर्क कर रिश्वत मांगे जाने की जानकारी दी।शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने जाल बिछाया। 27 अक्टूबर को की गई कार्रवाई के दौरान आरोपी निरीक्षक को कथित तौर पर शिकायतकर्ता से 15 लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए पकड़ लिया गया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
■ तलाशी में 11 लाख रुपये नकद बरामद
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने आरोपी के ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान अधिकारियों को 11 लाख रुपये नकद और कथित रूप से आपत्तिजनक दस्तावेज मिले। जांच एजेंसी ने आरोपी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जांच के लिए जब्त किए हैं।सीबीआई इस बात की भी जांच कर रही है कि रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के कथित मामले में अन्य अधिकारी या व्यक्ति शामिल थे या नहीं। जांच के तहत आरोपी की भूमिका, उसके संपर्कों और बेनामी संपत्ति से संबंधित मामले में उसकी पहुंच की भी पड़ताल की जा रही है।
■ 30 अक्टूबर तक सीबीआई हिरासत में भेजा गया आरोपी
गिरफ्तार आयकर निरीक्षक को 28 अक्टूबर को मुंबई की सक्षम अदालत में पेश किया गया। अदालत ने विस्तृत पूछताछ और मामले में अन्य लोगों की संभावित संलिप्तता की जांच के लिए उसे 30 अक्टूबर 2026 तक दो दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया।फिलहाल सीबीआई मामले की आगे की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रिश्वत की मांग किस परिस्थिति में की गई और क्या इस कथित भ्रष्टाचार में अन्य लोगों की भी कोई भूमिका थी।


