सतीश सोनी/मुंबई वार्ता

” मराठी लोगों के सामने हमारी भूमिका स्पष्ट है – इस राज्य में मराठी भाषा अनिवार्य है। भाजपा मराठी के लिए कट्टर है, मराठी के प्रति प्रतिबद्ध है। भाजपा और केंद्र सरकार के प्रयासों से ही मराठी को अभिजात भाषा का दर्जा मिला है। हिंदी एक वैकल्पिक और इच्छित भाषा है। जो लोग इस मुद्दे पर भ्रमित हैं, वे या तो अनजाने में या किसी के प्रयास से गलतफहमी का शिकार हुए हैं। गलतफहमियां फैलनी नहीं चाहिए। जो सत्य है, वही जनता के सामने रखना हमारा कर्तव्य है। मराठी हमारी प्राथमिकता है, हिंदी भाषा सिर्फ एक विकल्प है,” इस प्रकार का बयान भाजपा मुंबई अध्यक्ष एवं मंत्री आशिष शेलार ने आज मीडिया से बात करते हुए दिया।
■ सदावर्ते पर टिप्पणी:
उन्होने कहा कि, “सदावर्ते जी पर हम कोई प्रतिक्रिया नहीं देना चाहते। हमारा कोई ऐसा इरादा नहीं है। लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात कहने का अधिकार है। अंतिम निर्णय पुलिस लेगी। हम चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन लोगों से अनुरोध है कि वे किसी भी गलतफहमी का शिकार न हों।”


■ राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और त्रिभाषा सूत्र:
उन्होंने कहा कि, ” 2022 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत जो त्रिभाषा सूत्र लागू हुआ, उसकी प्रक्रिया उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री रहते ही शुरू हुई थी। हिंदी भाषा से संबंधित आयोग की विशेषज्ञों की रिपोर्ट भी उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान ही आई थी।”
■ राज ठाकरे की पार्टी को संदेश:
आशिष शेलार.ने कहा कि,”हमारा स्पष्ट मत राज ठाकरे की पार्टी के लिए भी है। कांग्रेस ने ही इस त्रिभाषा सूत्र पर निर्णय लिया था, और उस समय शरद पवार ने इस निर्णय का समर्थन किया था। आज जो दल इसका विरोध कर रहे हैं, उन्हीं के कार्यकाल में यह नीति लागू की गई थी।”
■ संदीप देशपांडे पर:
आशिष शेलार ने कहा कि आपने जिस व्यक्ति का नाम लेकर मुझसे सवाल किया, उस पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।
■ स्थानीय स्वराज्य संस्था पर:
आशीष शेलार ने कहा कि, “मुंबई और महाराष्ट्र की जनता को हम सरकार का पक्ष स्पष्ट रूप से समझाएंगे। अगर इस मुद्दे पर कोई राजनीति करना चाहता है, तो उसे राजनीतिक तरीके से ही जवाब दिया जाएगा।”
■ संजय राऊत पर:
आशिष शेलार ने कहा कि, “संजय राऊत की औकात नहीं है कि वे अमित शाह पर टिप्पणी करें।”


