मुंबई वार्ता संवाददाता

ठाकरे बंधुओं की ऐतिहासिक राजनीतिक एकजुटता पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ‘बचकानी’ टिप्पणी को लेकर शिवसेना (ठाकरे गुट) के नेता और सांसद संजय राउत ने बेहद आक्रामक अंदाज़ में पलटवार किया है। राउत ने सीधे सवाल करते हुए कहा,“अगर इस गठबंधन से आपको कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है, तो फिर आप उस पर प्रतिक्रिया क्यों दे रहे हैं? बार-बार बयानबाज़ी क्यों कर रहे हैं?”


उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा,“इस गठबंधन की असली ताकत क्या है, इस पर चर्चा हम 16 जनवरी को, चुनावी नतीजों के बाद करेंगे।”भाजपा के ‘मराठी अस्मिता’ के दावे पर सवालसंजय राउत ने भाजपा द्वारा बार-बार किए जा रहे ‘मराठी अस्मिता’ के दावे पर भी सवाल उठाए।


उन्होंने कहा,“भाजपा और देवेंद्र फडणवीस ने मराठी मानुष के लिए आखिर किया ही क्या है? दिवंगत गोपीनाथ मुंडे को छोड़ दें तो भाजपा के किस नेता ने अखंड महाराष्ट्र, बेलगांव–कारवार सीमा विवाद या मराठी लोगों पर हो रहे अन्याय के खिलाफ कभी आवाज उठाई है? मराठी मानुष के लिए किए गए अपने सिर्फ 10 काम गिनवा दें।”
बावनकुळे के बयान पर मुख्यमंत्री को घेराभाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुळे द्वारा ‘अलग विदर्भ’ को लेकर दिए गए बयान का जिक्र करते हुए राउत ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा,“जब बावनकुळे महाराष्ट्र को तोड़ने की भाषा कर रहे थे, तब ठाकरे इसके खिलाफ खड़े हुए। मुख्यमंत्री होने के नाते फडणवीस का कर्तव्य था कि वे उन्हें रोकते, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। फिर अब मराठी मानुष पर हमें ज्ञान क्यों दे रहे हैं?”
“अडानी को मुंबई सौंपना सेवा नहीं”
मुंबई के मुद्दे पर भी राउत ने तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा,“ठाकरे की वजह से ही आप आज महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री हैं। नहीं तो आपको राज्य को तोड़कर उसके छोटे से हिस्से का मुख्यमंत्री बनना पड़ता। लेकिन हम ऐसा होने नहीं देंगे। मुंबई को महाराष्ट्र से अलग नहीं होने देंगे।”उन्होंने आरोप लगाया कि,“मराठी मानुष और महाराष्ट्र के नाम पर आपने किया ही क्या है? गौतम अडानी के हाथों में मुंबई सौंपना न तो महाराष्ट्र के लिए काम है और न ही मराठी मानुष की सेवा।”


