मुंबई वार्ता संवाददाता

“उल्टा चोर कोतवाल को डांटे” वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए नकल चोरी से रोकने वाले प्रोफेसर को गिरफ्तार करने की मांग करते हुए मुंबई कॉंग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ पूरे तामझाम के साथ आईआईटी बॉम्बे का दौरा किया।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे में नकल चोरी के आरोप लगने के बाद आत्महत्या करने वाले एक छात्र की मौत को कथित तौर पर संस्थागत हत्या बताते हुए मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड ने मामले की गहन और पारदर्शी जांच करने तथा जिम्मेदार प्रोफेसर को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है।


उन्होंने आरोप लगाया कि साहिल की मौत को एक महीना बीत जाने के बावजूद अब तक किसी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।रविवार, 18 अक्टूबर को सांसद वर्षा गायकवाड के नेतृत्व में कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने साहिल के माता-पिता के साथ आईआईटी बॉम्बे का दौरा किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने संस्थान के अधिकारियों से मामले में अब तक की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी मांगी।


प्रतिनिधिमंडल ने आईआईटी पवई के रजिस्ट्रार को एक ज्ञापन भी सौंपा। इस अवसर पर साहिल वाकोडे को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।इस प्रतिनिधिमंडल में विधायक असलम शेख, कांग्रेस प्रवक्ता सुरेशचंद्र राजहंस, सुभाष भालेराव, जयवंत लोखंडे और केतन शाह सहित कई विद्यार्थी तथा कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।‘एक महीने बाद भी साहिल को न्याय नहीं मिला’वर्षा गायकवाड ने कहा कि साहिल की मौत को एक महीना बीत चुका है, लेकिन उसके परिवार को अब तक न्याय नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि साहिल के माता-पिता अपने बेटे की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई चाहते हैं। कांग्रेस भी उनके साथ खड़ी है और इस मामले को अंत तक उठाती रहेगी।गायकवाड ने संस्थान में विद्यार्थियों की मौत की घटनाओं पर चिंता जताते हुए पिछले 13 महीनों में चार विद्यार्थियों की मौत होने का दावा किया।
उन्होंने आईआईटी बॉम्बे में विद्यार्थियों की मौत से जुड़े सभी मामलों की गहन जांच कराने की मांग की।विद्यार्थियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सवालसाहिल को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आईआईटी पवई परिसर में प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी वर्षा गायकवाड ने उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस संस्थान परिसर में दाखिल हुई और प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के साथ मारपीट की गई।
उनके अनुसार, इस कार्रवाई के जरिए विद्यार्थियों के आंदोलन को दबाने का प्रयास किया गया।गायकवाड ने सवाल किया कि अपने साथी को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाने वाले विद्यार्थी क्या अपराधी हैं? उन्होंने पूछा कि संस्थान परिसर में विद्यार्थियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई किसके आदेश पर की गई। उन्होंने इस तरह की कार्रवाई तत्काल रोकने और विद्यार्थियों की आवाज सुनने की मांग की।
■ साहिल पर झूठे आरोप लगाकर बदनाम करने का आरोप
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि साहिल की मौत के बाद उस पर झूठे आरोप लगाकर उसे बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। जबकि जगजाहिर हुई CCTV फुटेज में उक्त छात्र.नकल चोरी करते साफ़ दिखाई दिया था।
उन्होंने कहा कि साहिल के परिवार, विभिन्न विद्यार्थी संगठनों और कांग्रेस नेताओं की मांग है कि मामले की पारदर्शी जांच की जाए तथा यदि किसी की जिम्मेदारी सामने आती है, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
गायकवाड ने आईआईटी बॉम्बे जैसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा के कथित प्रभाव पर भी सवाल उठाए। उन्होंने इसे शैक्षणिक क्षेत्र के लिए खतरनाक बताया।गौरतलब है कि साहिल वाकोडे की 18 सितंबर 2026 को मौत हुई थी। इस मामले में कांग्रेस की ओर से संबंधित प्रोफेसर की गिरफ्तारी और संस्थान में विद्यार्थियों की मौत की घटनाओं की जांच की मांग की जा रही है।
हालांकि, संबंधित प्रोफेसर की भूमिका, पुलिस कार्रवाई के आदेश और मामले में अब तक हुई जांच की स्थिति की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।वर्षा गायकवाड ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक साहिल वाकोडे को न्याय नहीं मिलता, तब तक कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी।


