मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

मुंबई महानगरपालिका चुनाव के मद्देनज़र उत्तर भारतीय मतदाताओं और नेताओं को लेकर सियासत तेज़ हो गई है। समाजवादी पार्टी के विधायक एवं महाराष्ट्र अध्यक्ष अबू आजमी ने स्पष्ट ऐलान किया है कि जिन वार्डों में भाजपा द्वारा उत्तर भारतीय प्रत्याशियों के टिकट काटे गए हैं और जहाँ समाजवादी पार्टी का कोई आधिकारिक उम्मीदवार मैदान में नहीं है, वहाँ यदि उत्तर भारतीय प्रत्याशी निर्दलीय रूप से नामांकन दाखिल करते हैं तो समाजवादी पार्टी उन्हें पूरा समर्थन देगी।


समाजवादी पार्टी की ओर से जारी संदेश में कहा गया है कि उत्तर भारतीयों ने वर्षों तक भाजपा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया—गाँव-गाँव से लेकर मुंबई तक जनसमर्थन जुटाया—लेकिन महानगरपालिका चुनाव आते ही बड़ी संख्या में उत्तर भारतीय और परप्रांतीय नेताओं के टिकट काट दिए गए। इससे उत्तर भारतीय समाज में गहरी नाराज़गी और असंतोष है।


संदेश में भाजपा से तीखे सवाल पूछे गए हैं—“क्या उत्तर भारतीय महाराष्ट्र में सिर्फ़ मार खाने और अपमान सहने के लिए आया है?”समाजवादी पार्टी ने कहा कि जब-जब उत्तर भारतीयों पर ज़ुल्म हुआ है, तब-तब समाजवादी पार्टी मजबूती से उनके साथ खड़ी रही है और आगे भी खड़ी रहेगी।समाजवादी पार्टी ने यह भी साफ किया है कि जहाँ उत्तर भारतीय निर्दलीय प्रत्याशी नामांकन भर रहे हैं और वहाँ सपा का उम्मीदवार नहीं है, वहाँ पार्टी उन्हें हर स्तर पर समर्थन देगी। साथ ही यह अपील भी की गई है कि जिन उत्तर भारतीय नेताओं को समाजवादी पार्टी का टिकट चाहिए, वे तुरंत समाजवादी पार्टी कार्यालय से संपर्क करें।
पार्टी ने अपने संदेश में यह भी रेखांकित किया कि मुंबई को बनाने और संवारने में उत्तर भारतीयों का अहम योगदान रहा है और इस सच्चाई को नफ़रत की राजनीति के नीचे दबने नहीं दिया जाएगा। इस ऐलान के बाद मुंबई की चुनावी राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है।


