मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र की राजनीति में जारी सियासी उठापटक के बीच उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) को एक और बड़ा झटका लगा है। शुक्रवार देर रात करीब 1 बजे पार्टी की वरिष्ठ महिला नेता शुभांगी पाटिल अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गईं। पार्टी में शामिल होने के तुरंत बाद उन्हें शिवसेना का उपनेता (डिप्टी लीडर) नियुक्त किया गया।


मुंबई में हुए इस प्रवेश कार्यक्रम में सांसद श्रीकांत शिंदे, सांसद नरेश म्हस्के, परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक और मंत्री भरत गोगावले सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
हाल के दिनों में शिवसेना (शिंदे) द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन टाइगर’ के तहत पहले छह सांसदों और उसके बाद विधान परिषद सदस्य सचिन अहिर के पार्टी में आने के बाद अब शुभांगी पाटिल का शामिल होना उद्धव ठाकरे गुट के लिए एक और बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शुभांगी पाटिल के शिंदे गुट में जाने से नासिक और जलगांव क्षेत्र की राजनीतिक समीकरणों पर असर पड़ सकता है। पार्टी ने उन्हें उपनेता का दायित्व देकर संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।
पार्टी में शामिल होने के बाद शुभांगी पाटिल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने पिछले 15 वर्षों में 100 से 150 आंदोलन किए और 35 हजार शिक्षकों के साथ एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव भी लड़ा। उनका आरोप है कि उन्होंने शिक्षक स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवारी की मांग की थी और इस संबंध में उद्धव ठाकरे से बातचीत भी हुई थी, लेकिन उन्हें टिकट नहीं दिया गया। उन्होंने कहा, “मैं एक सामान्य कार्यकर्ता थी, इसलिए मुझे उम्मीदवार नहीं बनाया गया।”


