मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई के सायन पुल का निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद उसे लंबे समय तक यातायात के लिए नहीं खोले जाने को लेकर कांग्रेस ने महायुति सरकार पर निशाना साधा है। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा गायकवाड ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास समय नहीं होने के कारण पुल का उद्घाटन टलता रहा। कांग्रेस के लगातार आंदोलनों और पुल को जल्द खोलने की मांग के बाद अब सरकार ने गुरुवार, 22 अक्टूबर को इसका वर्चुअल उद्घाटन करने का निर्णय लिया है।


सायन पुल को जल्द से जल्द यातायात के लिए खोलने की मांग को लेकर बुधवार दोपहर सांसद वर्षा गायकवाड के नेतृत्व में आंदोलन किया गया। इस आंदोलन में विधायक डॉ. ज्योति गायकवाड, कांग्रेस के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने पुल का काम पूरा होने के बाद भी उसे शुरू नहीं किए जाने पर सवाल उठाए और इसे तत्काल यातायात के लिए खोलने की मांग की।


आंदोलन के दौरान वर्षा गायकवाड ने कहा कि सायन पुल का वर्चुअल उद्घाटन गुरुवार को किए जाने की जानकारी दी गई है। उन्होंने सवाल किया कि यदि पुल का उद्घाटन वर्चुअल माध्यम से ही करना था, तो इसे खोलने में इतने दिनों की देरी क्यों की गई? निर्माण कार्य पूरा होने के बाद पुल को आम जनता के लिए शुरू किया जा सकता था।
गायकवाड ने कहा कि पुल बंद रहने के कारण मुंबईकरों, विशेषकर इस क्षेत्र के निवासियों, विद्यार्थियों और वरिष्ठ नागरिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने सवाल किया कि इस दौरान लोगों को हुई असुविधा की जिम्मेदारी कौन लेगा?सांसद ने आरोप लगाया कि मुंबई कांग्रेस ने पुल को खोलने की मांग को लेकर समय-समय पर आंदोलन किए, लेकिन सरकार ने इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया। उनके अनुसार, पुल खोलने की तारीख बार-बार आगे बढ़ाई जाती रही और अब कांग्रेस के लगातार विरोध के बाद सरकार ने उद्घाटन की तारीख तय की है।
वर्षा गायकवाड ने महायुति सरकार और मुंबई महानगरपालिका पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्हें मुंबईकरों की समस्याओं से अधिक कमीशन और प्रतिशत में रुचि है। उन्होंने पुल को जल्द यातायात के लिए खोलने की मांग दोहराई।
सायन पुल का उद्घाटन 22 अक्टूबर को वर्चुअल माध्यम से किए जाने की घोषणा के बीच कांग्रेस ने इसे अपने लगातार आंदोलन का परिणाम बताया है। हालांकि, पुल को यातायात के लिए पूरी तरह कब खोला जाएगा, इसे लेकर स्पष्ट जानकारी इस प्रेस विज्ञप्ति में नहीं दी गई है।


