मुंबई वार्ता संवाददाता

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने घाटकोपर (पूर्व) में निर्माणाधीन 337 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और घाटकोपर पंपिंग स्टेशन के उन्नयन कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अतिरिक्त नगर आयुक्त (परियोजना) अभिजीत बांगर ने परियोजना स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों और ठेकेदारों को अतिरिक्त मानवबल लगाकर काम में तेजी लाने को कहा।


निरीक्षण के दौरान बांगर ने निर्देश दिए कि एसटीपी परियोजना का निर्माण 31 मार्च 2027 तक पूरा करने के लिए सूक्ष्म स्तर पर योजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि फिलहाल मुंबई में बारिश कम होने का लाभ उठाकर निर्माण कार्य तेज गति से किया जाए और परियोजना के विभिन्न चरणों को समानांतर रूप से पूरा किया जाए, ताकि तय समय से पहले भी परियोजना पूरी की जा सके।


घाटकोपर पंपिंग स्टेशन के निरीक्षण के दौरान उन्होंने भवन की मरम्मत, पुराने उपकरणों के प्रतिस्थापन, राइजिंग मेन बिछाने और अधिक क्षमता वाले पंप लगाने जैसे कार्यों की समीक्षा की। इस परियोजना का लगभग 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
बीएमसी के अनुसार, नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट शुरू होने के बाद समुद्र में छोड़े जाने वाले पानी की गुणवत्ता में सुधार होगा, जिससे समुद्री जैव विविधता को लाभ मिलेगा। साथ ही घाटकोपर, मानखुर्द, गोवंडी और चेंबूर क्षेत्र की बड़ी आबादी को बेहतर सीवेज प्रबंधन का फायदा मिलेगा।
परियोजना के तहत प्रतिदिन 337 एमएलडी सीवेज का द्वितीयक उपचार किया जाएगा, जबकि 170 एमएलडी सीवेज का तृतीयक उपचार भी किया जाएगा। वर्तमान में घाटकोपर के पुराने संयंत्र में केवल प्रारंभिक स्तर की स्क्रीनिंग और डिग्रिटिंग के बाद सीवेज को खाड़ी में छोड़ा जाता है।
बीएमसी ने बताया कि यह परियोजना 31 मई 2022 को जीवीपीआर इंजीनियर्स लिमिटेड को सौंपी गई थी और 5 जुलाई 2022 से इसका निर्माण शुरू हुआ। परियोजना में आधुनिक सीक्वेंशियल बैच रिएक्टर (एसबीआर) तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। निर्माण अवधि चार वर्ष और इसके बाद 15 वर्षों तक संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी भी ठेकेदार के पास रहेगी।


