श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (एआईसीडब्ल्यूए) ने बंगाली फिल्म उद्योग के अभिनेता राहुल अरुणोदय बनर्जी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। एसोसिएशन ने इस घटना को महज हादसा मानने से इनकार करते हुए इसे “गंभीर लापरवाही” और संभावित “आपराधिक कृत्य” करार दिया है।राहुल अरुणोदय बनर्जी की मृत्यु 29 मार्च 2026 को ओडिशा के दीघा के पास तलसारी बीच पर हुई थी। उस समय वे टीवी धारावाहिक “भोले बाबा पार करेगा” की शूटिंग कर रहे थे।


एआईसीडब्ल्यूए का आरोप है कि समुद्र जैसे जोखिम भरे क्षेत्र में शूटिंग के दौरान आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, जिससे यह हादसा हुआ।


■ एआईसीडब्ल्यूए की प्रमुख मांगें
एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लिखे पत्र में कई अहम मांगें रखी हैं।
● हत्या का मामला दर्ज हो:
निर्माता, प्रोडक्शन हाउस और संबंधित चैनल के खिलाफ हत्या की धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाए।
● एस आई टी जांच:
पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया जाए।
● ₹1 करोड़ मुआवजा:
अभिनेता के परिवार, विशेषकर उनके छोटे बच्चे के भविष्य को देखते हुए ₹1 करोड़ का मुआवजा दोषियों से वसूल कर दिया जाए।
● ब्लैकलिस्टिंग:
सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित होने तक संबंधित प्रोडक्शन हाउस और चैनल को इंडस्ट्री से प्रतिबंधित किया जाए।
● न्यायिक जांच:
पूरे मामले में जवाबदेही तय करने के लिए न्यायिक जांच के आदेश दिए जाएं।एआईसीडब्ल्यूए ने पत्र में फिल्म उद्योग की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। एसोसिएशन का कहना है कि यदि एक स्थापित अभिनेता के साथ ऐसी घटना हो सकती है, तो दैनिक वेतनभोगी श्रमिकों और तकनीशियनों की सुरक्षा की स्थिति और भी चिंताजनक है।संगठन ने यह भी आशंका जताई है कि शूटिंग के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस से आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी।
पत्र में कहा गया है, “यह घटना फिल्म उद्योग की व्यवस्थागत विफलता का गंभीर उदाहरण है। यदि सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो ऐसे हादसे आगे भी निर्दोष लोगों की जान लेते रहेंगे।”इस पत्र की एक प्रति ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को भी भेजी गई है। अब देखना होगा कि पश्चिम बंगाल और ओडिशा सरकारें इस मामले में क्या कार्रवाई करती हैं?


