मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं मुंबई के पूर्व उपमहापौर राजेश शर्मा ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को पत्र लिखकर देश में बढ़ते मानसिक स्वास्थ्य संकट पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने मुंबई में मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (Centre of Excellence for Mental Health) स्थापित करने की मांग की है।


22 जून 2026 को लिखे गए पत्र में शर्मा ने कहा कि भारत में लगभग 23 करोड़ लोग चिंता, अवसाद, बाइपोलर डिसऑर्डर और नशे की लत जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से प्रभावित हैं। यह स्थिति देश के लिए एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बन चुकी है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य से जूझ रहे लगभग 80 प्रतिशत लोगों को उचित इलाज नहीं मिल पाता। इसके प्रमुख कारणों में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सामाजिक कलंक, मनोचिकित्सकों, मनोवैज्ञानिकों, नर्सों और मानसिक स्वास्थ्य अस्पतालों की कमी, स्वास्थ्य बजट में मानसिक स्वास्थ्य के लिए अपर्याप्त आवंटन तथा मुंबई जैसे महानगर में मनोचिकित्सा के लिए अस्पतालों और बिस्तरों की भारी कमी शामिल है।
राजेश शर्मा ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग में आत्महत्या का एक बड़ा कारण मानसिक बीमारी है, जबकि भारत विश्व में होने वाली आत्महत्याओं का लगभग एक-तिहाई हिस्सा दर्ज करता है। उन्होंने कहा कि इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए मुंबई में विश्वस्तरीय मानसिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की उपलब्ध भूमि का उपयोग जनहित में करते हुए मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक उत्कृष्ट संस्थान स्थापित किया जाए, जिससे लाखों मरीजों को बेहतर उपचार, सम्मान और नई उम्मीद मिल सके।
शर्मा ने आशा व्यक्त की कि केंद्र सरकार इस महत्वपूर्ण विषय पर शीघ्र विचार कर आवश्यक कदम उठाएगी। पत्र की प्रतिलिपि संसद की स्वास्थ्य संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष राम गोपाल यादव तथा लोकसभा सांसद शोभा बच्छाव को भी भेजी गई है।


