■ 30 से अधिक मामले उजागर
मुंबई वार्ता संवाददाता

अंधेरी पुलिस ने वर्ष 2017 से फरार चल रहे एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जो मंदिर और मस्जिद में दान देने के बहाने लोगों को ठगता था। आरोपी महिलाओं को भी निशाना बनाता था और सोने के आभूषण ठगी से हासिल कर फरार हो जाता था। पुलिस ने उसके खिलाफ मुंबई शहर और उपनगरों में दर्ज 30 से अधिक मामलों का खुलासा किया है।


पुलिस के अनुसार, 8 फरवरी 2026 को एक महिला ने अंधेरी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता को एक अज्ञात व्यक्ति ने संपर्क कर कहा कि उसने इंदौर स्थित एक मंदिर में सोने की दुकान शुरू की है और वह दान देना चाहता है। बातचीत के दौरान आरोपी ने महिला से 500 रुपये का बंडल दिखाने को कहा और बातों में उलझाकर उसके पास रखी करीब 1 तोले की सोने की चेन ठग ली। इस मामले में अंधेरी पुलिस थाने में धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।


जांच के दौरान अपराध शाखा और अंधेरी पुलिस की टीम ने तकनीकी विश्लेषण और गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी को अडवली, कल्याण (पूर्व) और ठाणे क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने कई वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।गिरफ्तार आरोपी का नाम वसीम अब्बास सिराज उर्फ वसीम जाफरी उर्फ वसीम इराणी (उम्र 36 वर्ष) बताया गया है। वह पहले भी मुंबई, रायगढ़, ठाणे, सूरत, तेलंगाना और अन्य स्थानों के विभिन्न पुलिस थानों में धोखाधड़ी और चोरी के मामलों में वांछित रहा है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी के खिलाफ 14 से अधिक पुराने मामले दर्ज हैं, जिनमें वाकोला, मानखुर्द, पनवेल, कर्जत, शिवाजीनगर, टिलकनगर, सूरत डीसीबी, जळगांव और अन्य पुलिस थानों में दर्ज प्रकरण शामिल हैं।फिलहाल आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की जांच जारी है। अंधेरी पुलिस अन्य मामलों में भी उसकी संलिप्तता की जांच कर रही है और उम्मीद है कि और वारदातों का खुलासा हो सकता है।
सह पुलिस आयुक्त (लॉ एंड ऑर्डर) सत्यनारायण चौधरी, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त परमजीत सिंह दहिया, पुलिस उपायुक्त (जोन-10) दत्ता नलावाडे के निर्देशानुसार उक्त कार्रवाई अंधेरी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक उमेश मचिंदर की टीम ने की है।


