श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई में मई महीने में ही बारिश शुरू होने की संभावना को देखते हुए मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने नालों की सफाई का काम जनवरी के अंत से ही शुरू करने का निर्णय लिया है। महापालिका का दावा है कि अप्रैल के अंत तक नालों की सफाई पूरी कर ली जाएगी, जिससे इस साल के मानसून में जलभराव की समस्या से मुंबईकरों को राहत मिलेगी।


गौरतलब है कि वर्ष 2025 में मुंबई में मई महीने में ही बारिश शुरू हो गई थी, जिसके कारण नालों की सफाई का काम समय पर पूरा नहीं हो सका। कई नालों से 50 प्रतिशत से भी कम गाद निकाली जा सकी थी। इसका नतीजा यह हुआ कि शहर और उपनगरों के कई इलाकों में भारी जलभराव हुआ और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। इस दौरान मुंबईकरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा था।इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए बीएमसी ने इस वर्ष नालों की सफाई समय से पूरी करने का निर्णय लिया है।
योजना के अनुसार जनवरी के अंत तक काम शुरू कर अप्रैल तक करीब 90 प्रतिशत सफाई कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
महापालिका के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यदि मई में बारिश शुरू भी हो जाती है, तो नालों की सफाई अधूरी रहने के कारण जलभराव की समस्या उत्पन्न नहीं होगी।नालों की सफाई के काम में ठेकेदारों द्वारा की जाने वाली देरी को रोकने के लिए महापालिका ने कड़े कदम उठाने का फैसला किया है।
हर साल की तरह इस बार भी मुख्यालय में एक ‘वॉर रूम’ स्थापित किया जाएगा, जिससे सफाई कार्यों पर कड़ी निगरानी रखी जा सके। ठेकों में इस वर्ष अधिक सख्त शर्तें शामिल की जाएंगी।नालों से गाद निकालने के कार्य के दौरान फोटो खींचना और 30 सेकंड का वीडियो रिकॉर्ड करना अनिवार्य किया जाएगा।
छोटे नालों की सफाई से पहले और बाद की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग भी अनिवार्य होगी। यह जानकारी पर्जन्य जलवाहिनी विभाग की ओर से दी गई है।


