श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने मुंबई की दो प्रमुख सड़कों—वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (WEH) और ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (EEH)—पर सुधार कार्य करने के लिए कुल 129 करोड़ रुपये की लागत वाले दो अलग-अलग टेंडर जारी किए हैं। इन सड़कों की सतह को बेहतर बनाने के लिए एक विशेष सिविल इंजीनियरिंग तकनीक माइक्रोसर्फेसिंग (Microsurfacing) का इस्तेमाल किया जाएगा।


महानगर पालिका अधिकारियों के अनुसार, माइक्रोसर्फेसिंग एक आधुनिक और टिकाऊ तकनीक है, जिससे सड़क की ऊपरी सतह मजबूत होती है, फिसलन कम होती है और सड़क की उम्र बढ़ती है। यह तकनीक खासतौर पर भारी ट्रैफिक वाले मार्गों के लिए उपयुक्त मानी जाती है, क्योंकि इससे सड़क की मरम्मत कम समय में की जा सकती है और यातायात पर न्यूनतम असर पड़ता है।


मनपा के अनुसार, वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे मुंबई की जीवनरेखा माने जाते हैं, जिन पर प्रतिदिन लाखों वाहन चलते हैं। मानसून के बाद इन सड़कों पर गड्ढे, दरारें और सतह की खराबी की शिकायतें बढ़ जाती हैं। माइक्रोसर्फेसिंग के जरिए इन समस्याओं को स्थायी रूप से दूर करने की कोशिश की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि यह प्रक्रिया पारंपरिक री-कार्पेटिंग की तुलना में अधिक किफायती है और इसमें कम सामग्री तथा कम समय की जरूरत होती है। साथ ही, काम पूरा होने के कुछ ही घंटों में सड़क को फिर से यातायात के लिए खोला जा सकता है।मनपा का लक्ष्य है कि यह सुधार कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाए ताकि यात्रियों को असुविधा न हो। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद ठेकेदारों की नियुक्ति की जाएगी और काम जल्द शुरू होने की संभावना है।
मुंबई महानगर पालिका अधिकारियों का कहना है कि इन सुधार कार्यों से न सिर्फ सड़को की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी और मुंबईकरों को सुगम व सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा।



बहुत सुंदर निर्णय