मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच (यूनिट 5) ने मोबाइल सिम कार्ड और विभिन्न बैंक खातों का उपयोग करके ऑनलाइन साइबर धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गोवा के एक रिसॉर्ट से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।


■ मामले का विवरण और कार्यप्रणाली (Modus Operandi)
11 सितंबर 2026 को मिली गोपनीय जानकारी के आधार पर साइबर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया (अपराध क्रमांक 121/2026, भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट 2000 की विभिन्न धाराओं के तहत)। आरोपी अपने व दूसरों के नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाते थे और सिम कार्ड खरीदते थे। खातों से जुड़े पासबुक, एटीएम, चेकबुक और सिम कार्ड का नियंत्रण खुद रखकर इनका उपयोग साइबर ठगी के लिए करते थे।


■ शुरुआती जब्ती:
88 बैंक पासबुक
143 चेकबुक
100 एटीएम कार्ड
24 मोबाइल और 167 सिम कार्ड
2 लैपटॉप
■ गोवा में छापेमारी और आरोपियों की गिरफ्तारी
तकनीकी विश्लेषण और मानव खुफिया जानकारी के आधार पर क्राइम ब्रांच ने 13 सितंबर 2026 को वारका, गोवा स्थित एक रिसॉर्ट के विला में छापा मारकर 7 आरोपियों को पकड़ा। आरोपी वित्तीय धोखाधड़ी के पैसों को ट्रांसफर करने के लिए अपने खुद के बनाए ऐप का इस्तेमाल कर रहे थे।
■ गोवा से बरामद संपत्ति:
59 विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन
19 सिम कार्ड
09 लैपटॉप
51 एटीएम कार्ड
12 पासबुक व अन्य सामग्री
■ पुलिस कस्टडी
अदालत ने गिरफ्तार आरोपियों को 24 सितंबर 2026 तक पुलिस हिरासत (रिमांड) में भेज दिया है।
यह कार्रवाई मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, सह आयुक्त (अपराध) अनिल कुंभारे और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कृष्णकांत उपाध्याय, पुलिस उपायुक्त राज तिलक रोशन के मार्गदर्शन में यूनिट 5 की टीम द्वारा सफलतापूर्वक अंजाम दी गई।


