मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने मुंबई-गोवा महामार्ग के अधूरे काम को लेकर नाराजगी जताई है। रायगढ़ दौरे के दौरान उन्होंने महामार्ग के काम का जायजा लेने की बात कही और इस मुद्दे पर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के नेता सुनील तटकरे का भी उल्लेख किया। मुंबई-गोवा महामार्ग के काम में देरी और बार-बार सामने आ रही तकनीकी व प्रशासनिक अड़चनों को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं।


राज ठाकरे के दौरे के दौरान माणगांव बायपास और मुंबई-गोवा महामार्ग के काम पर विशेष ध्यान दिया गया। सामने आई जानकारी के अनुसार, वे महामार्ग की मौजूदा स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण करने वाले हैं। माणगांव-इंदापुर बायपास से जुड़े काम में भी देरी और कोकण रेलवे से संबंधित अड़चनों का मुद्दा पहले सामने आ चुका है।
■ गडकरी के बयान का भी किया जिक्र
मुंबई-गोवा महामार्ग को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पहले भी सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। एक हालिया बयान में गडकरी ने कहा था कि महामार्ग के अधूरे रहने से उन्हें भी दुख है और इस वजह से कई दुर्घटनाएं हुई हैं तथा लोगों की जान गई है।
राज ठाकरे ने इसी पृष्ठभूमि में सवाल उठाया कि जब केंद्र सरकार के स्तर पर महामार्ग को पूरा करने की लगातार बात कही जा रही है, तो जमीनी स्तर पर काम अब तक पूरी तरह क्यों नहीं हुआ?
■ सुनील तटकरे का भी उल्लेख
मुंबई-गोवा महामार्ग को लेकर रायगढ़ के सांसद सुनील तटकरे भी लगातार आवाज उठाते रहे हैं। हाल में महामार्ग को लेकर हुई समीक्षा बैठक में लंबित कार्यों और विभिन्न अड़चनों पर चर्चा की गई थी। तटकरे की ओर से यह मांग भी सामने आई है कि जब तक महामार्ग का काम पूरा नहीं होता, तब तक इस मार्ग पर टोल वसूली नहीं की जानी चाहिए।
राज ठाकरे के इस दौरे को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब मुंबई-गोवा महामार्ग का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में है। उनका कहना है कि कोकण के लोगों और इस मार्ग से नियमित यात्रा करने वाले नागरिकों को वर्षों से खराब और अधूरे रास्ते की परेशानी झेलनी पड़ रही है।
महामार्ग मुंबई और गोवा के बीच संपर्क का महत्वपूर्ण मार्ग है। इसके चौड़ीकरण और सुधार का काम लंबे समय से चल रहा है, लेकिन विभिन्न चरणों में भूमि अधिग्रहण, ठेकेदारों, तकनीकी समस्याओं और अन्य विभागों से जुड़े मुद्दों के कारण काम में देरी होती रही है।
राज ठाकरे के निरीक्षण के बाद अब इस बात पर नजर रहेगी कि वे महामार्ग की स्थिति को लेकर सरकार और संबंधित अधिकारियों के सामने कौन-सी मांगें रखते हैं तथा अधूरे काम को जल्द पूरा करने के लिए क्या भूमिका अपनाते हैं।


