मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

शनिवार को गणपति बप्पा को विदाई देने के लिए मुंबई शहर और उपनगरों में ७० प्राकृतिक और २९० कृत्रिम विसर्जन स्थलों पर व्यवस्था की गई है। इसके लिए निगम द्वारा १० हज़ार से ज़्यादा अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए हैं।मुंबई नगर निगम ने गणेश भक्तों से छह फीट से कम ऊँची मूर्तियों को कृत्रिम तालाबों में विसर्जित करने की अपील की है।


मुंबई नगर निगम पिछले दो महीनों से मुंबई के महत्वपूर्ण विसर्जन स्थलों की तैयारी कर रहा है, जिसमें गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए आने वाले वाहनों को चौपाटी की मिट्टी में फँसने से रोकने और मूर्ति विसर्जन बिना किसी बाधा के सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्थानों पर चौपाटी के किनारे १,१७५ स्टील प्लेटें लगाई गई हैं।सुरक्षा की दृष्टि से चौपाटी पर २,१७८ लाइफगार्ड सहित ५६ मोटरबोट तैनात किए गए हैं। फूल-माला निर्माल्य जमा करने के लिए ५९४ निर्माल्य काश सहित ३०७ निर्माल्य वाहनों की व्यवस्था की गई है।


नगर निकाय के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के बीच उचित समन्वय सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक वार्ड स्तर पर मुख्य नियंत्रण कक्ष सहित २४५ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से १२१ टावर वॉच स्थापित किए गए हैं। विभिन्न विसर्जन स्थलों पर ४२ क्रेन के साथ २८७ स्वागत कक्ष तैयार किए गए हैं।नगर पालिका के स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से विसर्जन स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए २३६ प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों सहित ११५ एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है।
विसर्जन स्थल पर रोशनी के लिए ६,१३८ फ्लड लाइट और १३८ सर्चलाइट लगाई गई हैं। नागरिकों की सुविधा के लिए १९७ अस्थायी शौचालय उपलब्ध कराए गए हैं।



गणपति बप्पा मोरया