श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

भाजपा-शिवसेना (शिंदे) सहित सहयोगी पार्टियों वाली महायुति ने मुंबई के मनपा चुनाव प्रचार का शंखनाद किया। मुंबई के वर्ली स्थित एनएससीआई डोम में खचाखच भरी भीड़ के बीच मंच पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले की उपस्थिति में नेताओं ने दमदार भाषण करते हुए विपक्षी पार्टियों को घेरा। महायुति के नेताओं ने मुंबई के आम आदमी के सपनों को साकार करने का वादा करते हुए भविष्य की योजनाओं को जनता के सामने रखा। मंचासीन नेताओं ने सरकार द्वारा किए गए अबतक के कार्यों की जानकारी दी। नेताओं ने मुंबई में सुजलाम-सुफलाम के लिए महायुति को वोट देने की अपील की।


मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ठाकरे परिवार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग सरकार द्वारा किए गए कार्यों का श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे का नाम न लेते हुए उन्हें अबोध बालक कहा। मुख्यमंत्री ने अन्य कई मुद्दों को लेकर भी ठाकरे परिवार को निशाने पर लिया है।


मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई, महाराष्ट्र और मनपा चुनावों को लेकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की सोच रखने वालों को जनता करारा जवाब देगी। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि मुंबई का महापौर महायुति का होगा, मराठी होगा और हिंदू ही होगा।मुख्यमंत्री फडणवीस ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्षों से मुंबईकरों को केवल भाषण सुनाए गए पर अब काम करने वाली सरकार मैदान में है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग मुंबई के विकास का श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं, मगर जनता सब जानती है।मुख्यमंत्री ने एआईएमआईएम नेता वारिस पठान के बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि मुंबई के महापौर को लेकर भड़काऊ बयान देने वाले अब खामोश हैं। बिना नाम लिए उन्होंने शिवसेना (उबाठा) के नेता संजय राऊत पर भी कटाक्ष किया और कहा कि जो रोज बयानबाजी करते थे, वे अब चुप्पी साधे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि जहां महायुति की ओर से ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे गूंजते हैं, वहीं विपक्ष की दिशा और पहचान बदलती रही है।मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि मुंबई में अवैध रूप से रह रहे एक-एक बांग्लादेशी घुसपैठिए को वापस भेजा जाएगा।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब मराठी माणुस और मिल मजदूर सड़कों पर संघर्ष कर रहे थे, तब विपक्ष कहां था? उस समय उनके लिए घर बनाए जाने चाहिए थे।पुनर्विकास परियोजनाओं का जिक्रफडणवीस ने कहा कि बीडीडी चॉल को बिल्डरों के हवाले नहीं किया गया है और म्हाडा के माध्यम से 500 वर्गफुट के घर दिए गए हैं। अभ्युदय नगर के पुनर्निर्माण का काम शुरू हो चुका है। पत्रा चॉल मामले में भी सरकार ने हस्तक्षेप कर प्रभावित लोगों को घर देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है।
फडणवीस ने बताया कि मुंबई में 440 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क की योजना पर काम चल रहा है, जिसमें से 150 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है। लक्ष्य यह है कि मुंबईकर 59 मिनट में शहर के किसी भी हिस्से में पहुंच सकें।उन्होंने मुंबई में अंडरग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने, चौपाटियों की गंदगी दूर करने और शहर को पर्यावरण-अनुकूल बनाने की योजनाओं की जानकारी दी। इसके लिए 17 हजार करोड़ रुपये के पर्यावरण बजट की घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मनपा के माध्यम से केवल ढांचागत विकास नहीं, आम मुंबईकर के जीवन स्तर में सुधार लाना सरकार का उद्देश्य है। उन्होंने जनता से आगामी मनपा चुनाव में महायुति को समर्थन देने की अपील की और विश्वास जताया कि तय तारीख को जीत सुनिश्चित होगी।मंच से उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने भाषण में शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे पर सीधा और तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि मुंबई मनपा चुनाव के लिए उबाठा और मनसे ने हाथ मिलाया है और मराठी मुद्दे को चुनावी हथियार बनाया जा रहा है। शिंदे ने सवाल उठाया कि मराठी माणुस के लिए आपने वास्तव में क्या किया? उन्होंने यह तक कहा कि यदि आज बालासाहेब ठाकरे जीवित होते तो ऐसे कदमों के लिए सख्त कार्रवाई करते।शिंदे ने साफ शब्दों में कहा कि मुंबई को ठहराव और अराजकता वाली सरकार नहीं, विकास की दिशा में ले जाने वाली सरकार चाहिए। उन्होंने छत्रपति संभाजीनगर में एक विवादित उम्मीदवार को टिकट देने का जिक्र करते हुए कहा कि यह बालासाहेब की विचारधारा के खिलाफ है। जनता की नाराजगी सामने आते ही ‘ब्रांड’ की बात की जा रही है जबकि सच्चा ब्रांड केवल बालासाहेब ठाकरे ही हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले महापौर का चयन कैसे हुआ, यह सभी जानते हैं। मुंबई को भ्रष्टाचार और लूट की गिरफ्त से मुक्त कराना महायुति का संकल्प है। शिंदे ने भरोसा जताया कि इस बार मुंबई में महायुति का भगवा ही लहराएगा।अपने भाषण के दूसरे हिस्से में शिंदे ने कांग्रेस से नजदीकी को लेकर उद्धव ठाकरे पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ जाने का खामियाजा ठाकरे गुट को मुंबई में भुगतना पड़ा। जनता जानती है कि असली गद्दार कौन है। शिंदे ने मराठी अस्मिता पर राजनीति करने वालों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि चुनाव आते ही कुछ लोगों को मराठी माणुस याद आता है, पर अब मुंबईकर भावनात्मक नारों में बहने वाले नहीं हैं।
उन्होंने दो टूक कहा कि वोट भावनाओं से नहीं, विकास से मिलते हैं। महायुति विकास की राह पर चलने वाली है, विनाश की राजनीति करने वालों को जनता अब स्वीकार नहीं करेगी। साथ ही उन्होंने महानगरपालिका के ठेकों और घोटालों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि फैसले लेते समय मराठी लोगों को क्यों भुला दिया गया।
इस अवसर पर मंत्री आशीष शेलार, मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम, रामदास कदम, प्रवीण दरेकर, संजय उपाध्याय, मुरजी पटेल, पवन त्रिपाठी, सहित अन्य नेता उपस्थित थे।


