मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

मुंबई महानगरपालिका चुनाव के लिए ठाकरे बंधु और महायुति पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर चुके हैं। दोनों खेमों ने प्रचार भी तेज कर दिया है। मराठी मतदाता, मुस्लिम समुदाय और परप्रांतीय वोटर हमेशा से मुंबई मनपा चुनाव में अहम भूमिका निभाते आए हैं, लेकिन इस बार महिला मतदाताओं की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है।महायुति ने ‘लाडकी बहिण’ जैसी योजनाओं के जरिए महिला वोटरों को लगातार साधने की कोशिश की है। इसी बीच असेंडिया कंपनी के सर्वे ने ठाकरे बंधुओं के लिए चिंता बढ़ाने वाली तस्वीर सामने रखी है।


सर्वे के मुताबिक महिला और परप्रांतीय मतदाता बड़ी संख्या में महायुति की ओर झुकते दिख रहे हैं।
■ महिला मतदाताओं में महायुति को बड़ी बढ़त
सर्वे के अनुसार मुंबई की 50 प्रतिशत महिला मतदाता भाजपा–शिंदे गुट की महायुति के पक्ष में हैं।वहीं ठाकरे गुट और मनसे की संभावित युति को केवल 22 प्रतिशत महिला मतदाताओं का समर्थन मिल रहा है।कांग्रेस गठबंधन को 15 प्रतिशत और अन्य दलों को 13 प्रतिशत महिला मतदाता पसंद कर रही हैं।महिला वोटरों में महायुति की यह बढ़त ठाकरे बंधुओं के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है।
■ परप्रांतीय मतदाता भाजपा से खुश
गुजराती, उत्तर भारतीय और दक्षिण भारतीय जैसे परप्रांतीय मतदाताओं में भी महायुति को स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है।सर्वे के मुताबिक 53 प्रतिशत परप्रांतीय मतदाता महायुति के साथ हैं।कांग्रेस-वंचित आघाड़ी को 19 प्रतिशत और ठाकरे गुट–मनसे युति को 15 प्रतिशत समर्थन मिलने की संभावना है।बाकी 13 प्रतिशत मतदाता अन्य विकल्पों की ओर झुके हुए हैं। इससे साफ है कि परप्रांतीय मतदाता महायुति की मजबूत ताकत बनते जा रहे हैं।
■ मराठी वोटरों में कांटे की टक्कर
मराठी मतदाताओं में मुकाबला बेहद रोमांचक नजर आ रहा है।44 प्रतिशत मराठी मतदाता ठाकरे गुट–मनसे युति के साथ जाने की संभावना जता रहे हैं,जबकि 42 प्रतिशत मराठी मतदाता महायुति के पक्ष में हैं।अन्य दलों को 11 प्रतिशत और कांग्रेस गठबंधन को सिर्फ 4 प्रतिशत मराठी मतों का समर्थन मिलने का अनुमान है।हालांकि ठाकरे बंधुओं को यहां मामूली बढ़त है, लेकिन अंतर बेहद कम होने से आखिरी दौर में तस्वीर बदल सकती है।
■ मुस्लिम मतदाता कांग्रेस के साथ
मुस्लिम मतदाताओं में कांग्रेस गठबंधन सबसे मजबूत नजर आ रहा है।सर्वे के अनुसार 41 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता कांग्रेस के पक्ष में हैं।ठाकरे गुट–मनसे युति को 28 प्रतिशत, अन्य दलों को 20 प्रतिशत औरमहायुति को केवल 11 प्रतिशत मुस्लिम मतदाताओं का समर्थन मिलता दिख रहा है।
■ समाजघटकनिहाय बंटा जनादेश, मुकाबला बेहद करीबी
असेंडिया कंपनी के इस सर्वे से साफ है कि मुंबई का वोट बैंक एकसंध नहीं है।महिला और परप्रांतीय मतदाता जहां महायुति की ओर झुकते दिख रहे हैं,वहीं मराठी मतदाताओं में ठाकरे बंधुओं की हल्की बढ़त है और मुस्लिम मतदाता कांग्रेस गठबंधन के साथ मजबूती से खड़े नजर आते हैं।इन सभी समीकरणों को देखते हुए मुंबई महानगरपालिका चुनाव बेहद अटीतटी का होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।


