श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) क्षेत्र में प्री-मानसून कार्य तेज़ी से जारी हैं। इन कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा सुनिश्चित करने के लिए मुंबई की महापौर रितू तावडे ने स्पष्ट किया है कि सड़क कंक्रीटीकरण, नालों की सफाई और गाद (सिल्ट) हटाने के काम पूरे होने तक लगातार निरीक्षण किया जाएगा।


महापौर रितू तावडे ने शनिवार सुबह चेंबूर इलाके में सड़कों के कंक्रीटीकरण कार्यों के साथ-साथ माहुल नाला, जे.के. केमिकल नाला और मिठी नदी में चल रहे गाद हटाने के कामों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया।


निरीक्षण के दौरान उन्होंने चेंबूर (पूर्व) स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर उद्यान के पास मार्ग क्रमांक 21 और 11 की सड़कों की गुणवत्ता, ड्रेनेज व्यवस्था, यूटिलिटी लाइनों की स्थिति और सड़क किनारे पेड़ों की सुरक्षा का बारीकी से जायज़ा लिया। साथ ही, फुटपाथ निर्माण की गुणवत्ता जांचने के लिए कोर ट्रायल पीट के माध्यम से सीमेंट, कंक्रीट और लोहे के उपयोग की भी जांच करवाई।
मीडिया से बातचीत में महापौर ने कहा कि मुंबई में दीर्घकालिक समाधान के तहत सड़कों का सीमेंट कंक्रीटीकरण किया जा रहा है और प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि ये काम बारिश से पहले पूरे किए जाएं। हालांकि, काम की गति बढ़ाने के साथ गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि तैयार सड़कों और उनकी जल निकासी नालियों को ठीक से साफ किया जाए ताकि सीमेंट मिश्रित पानी से नालियों में रुकावट न हो। सड़क किनारे पानी जमा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए और कंक्रीटीकरण के दौरान किसी भी पेड़ को नुकसान न पहुंचे।
स्थानीय नागरिकों से संवाद करते हुए महापौर को सड़कों के कार्यों को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और लोगों ने प्रशासन का आभार जताया।
इसके बाद महापौर ने माहुल नाला, जे.के. केमिकल नाला और मिठी नदी में चल रहे गाद हटाने के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्री-मानसून के तहत 8.28 लाख मीट्रिक टन गाद हटाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 1 मई 2026 तक लगभग 45% यानी 3.76 लाख मीट्रिक टन गाद निकाली जा चुकी है।
महापौर ने निर्देश दिए कि गाद हटाने के काम में तेजी लाई जाए और मानसून से पहले सभी नाले पूरी तरह साफ हों। जहां जरूरत हो वहां सुरक्षा दीवारें बनाई जाएं। साथ ही, कार्यों की निगरानी के लिए सीसीटीवी सिस्टम उपलब्ध कराया जाए ताकि प्रशासन और जनप्रतिनिधि वास्तविक स्थिति देख सकें।
उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि गाद ढोने वाले वाहनों के पहिए धोकर ही सड़कों पर चलें, जिससे शहर में गंदगी न फैले।


