मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

मुंबई पुलिस की गोवंडी पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन फर्जी कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ किया है। ये कॉल सेंटर कथित तौर पर HDFC ERGO हेल्थ इंश्योरेंस के अधिकारी बनकर बीमा पॉलिसीधारकों से लाखों रुपये की ठगी कर रहे थे। पुलिस ने इस मामले में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से 17.18 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की है।


मामले का खुलासा 22 जून को उस समय हुआ, जब एक पीड़ित ने गोवंडी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने बताया कि खुद को HDFC ERGO हेल्थ इंश्योरेंस का प्रतिनिधि बताने वाले ठगों ने उसे 1.53 लाख रुपये का ‘नो क्लेम बोनस’ दिलाने का झांसा दिया। विभिन्न बहानों से आरोपियों ने उसके क्रेडिट कार्ड की जानकारी हासिल कर ऑनलाइन लेनदेन के जरिए 3.43 लाख रुपये निकाल लिए।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। गोवंडी पुलिस की साइबर टीम ने तकनीकी जांच के दौरान कुरला (पश्चिम) स्थित कोहिनूर सिटी मॉल में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर का पता लगाया।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया और मौके से कंप्यूटर, लैपटॉप, राउटर, मोबाइल फोन, सिम कार्ड तथा ग्राहकों से बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले स्क्रिप्ट बरामद किए। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी चोरी किए गए कार्ड विवरण का इस्तेमाल कर ऑनलाइन सोने के सिक्के और अन्य कीमती सामान खरीदते थे।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस को गिरोह के अन्य ठिकानों की जानकारी मिली। इसके बाद असल्फा गांव और कोहिनूर मॉल स्थित दो अन्य फर्जी कॉल सेंटरों पर भी छापेमारी की गई, जहां से कई और आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया।
पुलिस ने कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 29 कंप्यूटर, 5 लैपटॉप, 15 मोबाइल फोन, 3 राउटर, 15 सिम कार्ड, फर्जी कॉल स्क्रिप्ट और अपराध की रकम से खरीदे गए 28.05 ग्राम सोने सहित कुल 17.18 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की गई है।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह गिरोह कई राज्यों के बीमा ग्राहकों को इसी तरह निशाना बना रहा था। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी संभव है।
मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को, जो खुद को बीमा कंपनी का अधिकारी बताता हो, बैंक खाता, डेबिट/क्रेडिट कार्ड, CVV या OTP जैसी गोपनीय जानकारी कभी साझा न करें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।


