श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा के तहत मुंबई के जनप्रतिनिधियों ने मंगलवार को रे रोड स्थित ब्रिटानिया पर्जन्य जल पंपिंग स्टेशन, वरली स्थित लवग्रोव पंपिंग स्टेशन और क्लिवलैंड पंपिंग स्टेशन का दौरा कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान महाराष्ट्र के कौशल, रोजगार, उद्योजकता एवं नवाचार मंत्री तथा मुंबई उपनगर के सहपालकमंत्री Mangal Prabhat Lodha, मुंबई की महापौर Ritu Tawde, विधायक Ameet Satam सहित महानगरपालिका के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।


निरीक्षण के दौरान विधायक अमीत साटम ने कहा कि मुंबई की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए निचले इलाकों में जमा होने वाले बारिश के पानी की तेज और प्रभावी निकासी के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। यह प्रस्ताव भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान Indian Institute of Technology Bombay के सहयोग से तैयार किया गया है और मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा गया है। उन्होंने बताया कि इस योजना को केंद्रीय निधि से लागू किया जाएगा।


महापौर रितू तावडे ने कहा कि भारी बारिश और हाई टाइड के दौरान पंपिंग स्टेशनों की मदद से जमा पानी को समुद्र में छोड़ा जाता है। लो टाइड के समय फ्लड कंट्रोल गेट्स खोल दिए जाते हैं, जिससे नालों का पानी प्राकृतिक रूप से समुद्र में बह जाता है। वहीं, हाई टाइड के दौरान समुद्र का पानी नालों में प्रवेश न कर सके, इसके लिए फ्लड कंट्रोल गेट्स बंद रखे जाते हैं। उन्होंने बताया कि नालों में जमा कचरे को रोकने के लिए यांत्रिक जाली प्रणाली भी लगाई गई है।
उन्होंने जानकारी दी कि फिलहाल हाजी अली (महालक्ष्मी), इर्ला (जुहू), लवग्रोव (वरली), क्लिवलैंड (वरली गांव), ब्रिटानिया (रे रोड) और गज़दरबंध (सांताक्रूज़) सहित छह पंपिंग स्टेशन कार्यरत हैं। जबकि माहुल (चेंबूर) और मोगरा (वेसावे) पंपिंग स्टेशनों का काम प्रगति पर है।
अमीत साटम ने कहा कि मानसून के दौरान मुंबईकरों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन लगातार निरीक्षण और आवश्यक निर्देश दे रहा है। उन्होंने बताया कि शहर में पानी निकासी के लिए 550 से अधिक पंप तैनात किए गए हैं और नाले तथा नदी सफाई का कार्य भी तेजी से जारी है। उन्होंने प्रशासन को समुद्र में जाने वाले ठोस और तैरते कचरे को रोकने के निर्देश भी दिए हैं।
इस निरीक्षण दौरे में महानगरपालिका के सभागृह नेता Ganesh Khankar, स्थायी समिति अध्यक्ष Prabhakar Shinde, शिवसेना गटनेते Amey Ghole समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे।


