मुंबई वार्ता संवाददाता

शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस समारोह से पहले मुंबई पुलिस ने पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। 19 जून को होने वाले शिवसेना और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के अलग-अलग कार्यक्रमों को देखते हुए कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई गई है।


मुंबई पुलिस की स्पेशल ब्रांच द्वारा जारी एडवाइजरी में दोनों गुटों के कार्यकर्ताओं के बीच टकराव, प्रदर्शन और जवाबी प्रदर्शन की संभावना व्यक्त की गई है। पुलिस ने गोरेगांव और सायन में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को संवेदनशील मानते हुए विशेष सतर्कता बरतने, एहतियाती कदम उठाने और घटनाक्रम पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
इस बीच, ऐसी खबरें सामने आई थीं कि उद्धव ठाकरे गुट के छह लोकसभा सांसद शुक्रवार को गोरेगांव स्थित नेस्को मैदान में आयोजित स्थापना दिवस समारोह के दौरान एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होंगे। हालांकि, शिंदे गुट की शिवसेना ने इन खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि शुक्रवार को किसी भी सांसद का पार्टी में प्रवेश नहीं होने जा रहा है।
उधर, शिवसेना (यूबीटी) नेतृत्व ने भी इन दावों को सिरे से नकार दिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पार्टी के छह लोकसभा सांसद दिल्ली में आयोजित संसदीय दल की बैठक से अनुपस्थित रहे। बैठक में केवल अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे ही मौजूद थे, जबकि नागेश आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दिना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे बैठक में नहीं पहुंचे।
शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बताया कि अनुपस्थित रहने वाले छह सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और उनके खिलाफ लोकसभा से अयोग्यता की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
स्थापना दिवस के मद्देनजर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और मुंबई पुलिस किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क है।


