■ कर्जत-भीमाशंकर के जंगलों में पेड़ों की कटाई पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष का हमला; टोरेंट परियोजना के पक्ष में रोजगार और लाखों पेड़ लगाने के दावों को बताया खोखला, जरूरत पड़ने पर अदालत जाने की चेतावनी।
मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कर्जत-भीमाशंकर क्षेत्र के जंगलों में टोरेंट कंपनी की परियोजना के लिए बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई किए जाने का आरोप लगाते हुए भाजपा-महायुति सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की गौरवशाली विरासत से जुड़ी पावन सह्याद्रि पर्वतमाला की समृद्ध वन संपदा को गुजरात की कंपनी के हाथों सौंपने की कोशिश महाराष्ट्र की जनता कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।


उन्होंने चेतावनी दी कि वन संपदा की रक्षा के लिए जरूरत पड़ने पर अदालत का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा।कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कर्जत-भीमाशंकर के जंगलों में पहुंचकर टोरेंट कंपनी की परियोजना के लिए कथित तौर पर की जा रही पेड़ों की कटाई का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा-महायुति सरकार भ्रष्टाचार और कमीशन के लालच में महाराष्ट्र की प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंचा रही है।


सपकाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण का आह्वान किया है, लेकिन दूसरी ओर महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के इसी संकल्प के अनुरूप उन्होंने कर्जत के जंगलों में वृक्षारोपण किया है।उन्होंने आरोप लगाया कि कर्जत-भीमाशंकर क्षेत्र में प्रस्तावित परियोजना महाराष्ट्र के हित में नहीं है। सरकार का दावा है कि इस परियोजना से हजारों रोजगार पैदा होंगे और पेड़ों की कटाई की भरपाई के लिए दूसरी जगह लाखों पौधे लगाए जाएंगे।
हालांकि, सपकाल ने इन दावों को खोखला बताते हुए सवाल किया कि सरकार पहले यह बताए कि 33 करोड़ पेड़ लगाने के उसके पुराने संकल्प का क्या हुआ।कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि सरकार यदि परियोजना को अत्याधुनिक बता रही है, तो उसे यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि इससे हजारों रोजगार कैसे पैदा होंगे। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भाजपा सरकार की घोषणाओं पर अब जनता को भरोसा नहीं रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास के नाम पर लोगों को गुमराह कर रही है और वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटका रही है।सपकाल ने कहा कि सह्याद्रि पर्वतमाला केवल जंगलों और पेड़ों का समूह नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विरासत को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी कोशिश का कांग्रेस विरोध करेगी और वन संपदा की रक्षा के लिए आंदोलन से लेकर कानूनी लड़ाई तक लड़ी जाएगी।
■ विधान परिषद चुनाव के नतीजों ने सत्ता के अहंकार को तोड़ा: सपकाल
हर्षवर्धन सपकाल ने महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों के चुनाव परिणामों का उल्लेख करते हुए महायुति सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महाविकास आघाड़ी ने नागपुर, पुणे और संभाजीनगर की तीन सीटों पर जीत दर्ज कर सत्तारूढ़ गठबंधन को झटका दिया है।उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव परिणाम आने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस को नीचा दिखाने वाले संदेश प्रसारित किए थे, लेकिन नतीजे सामने आने के बाद उन्हें अपने संदेश हटाने पड़े।
सपकाल ने कहा कि प्रधानमंत्री का पद अत्यंत प्रतिष्ठित है और इस पद पर बैठे व्यक्ति का व्यवहार उसकी गरिमा के अनुरूप होना चाहिए।नागपुर के चुनाव परिणामों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृहक्षेत्र है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गढ़ माने जाने वाले नागपुर में कांग्रेस की जीत को उन्होंने भाजपा के लिए बड़ा राजनीतिक झटका बताया। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री ने नागपुर चुनाव में पूरी ताकत लगा दी थी, फिर भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा।सपकाल ने दावा किया कि विधान परिषद चुनाव के परिणाम महाराष्ट्र की राजनीति में बदलाव की शुरुआत का संकेत हैं और सत्ता के अहंकार को जनता ने जवाब दिया है।
■ वाढवण बंदर के खिलाफ आंदोलन में शामिल होंगे सपकाल
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को पालघर जिले में वाढवण बंदर परियोजना के खिलाफ चल रहे जनआंदोलन में शामिल होंगे। कांग्रेस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, वह आंदोलन में भाग लेकर स्थानीय लोगों के विरोध और उनकी मांगों का समर्थन करेंगे।


