मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ ने भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जैसे सोमनाथ मंदिर को ग़ज़नी के महमूद ने ध्वस्त किया था, उसी तरह वाराणसी के मणिकर्णिका घाट—जिसे पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर ने बनवाया था—पर बुलडोज़र चलवाया गया।


उनका आरोप है कि भाजपा और मोदी अहिल्यादेवी की स्मृतियां मिटाना चाहते हैं, इसलिए घाट और वहां स्थापित मूर्तियों को निर्दयता से नष्ट किया गया।तिलक भवन में मीडिया से बातचीत में सपकाळ ने कहा कि एक ओर भाजपा सरकार अहिल्यादेवी की 300वीं जयंती मनाने पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर उनकी विरासत मिटाने का पाप कर रही है। हिंदुत्व का दावा करने वाली भाजपा का यह दोहरापन जनता के सामने उजागर हो गया है।


उन्होंने आरोप लगाया कि “मोदी में ग़ज़नी का भूत समा गया है” और चेतावनी दी कि कांग्रेस इस कृत्य के खिलाफ सड़क पर उतरकर तीव्र आंदोलन करेगी।भाजपा के किसी मंत्री को राज्य में घूमने नहीं देंगेओबीसी विभाग के प्रदेश अध्यक्ष यशपाल भिंगे ने कहा कि अहिल्यादेवी ने 1771 में मणिकर्णिका घाट का निर्माण कराया था, और 10 जनवरी को भाजपा सरकार ने वहां बुलडोज़र चलवाया। इस दौरान अहिल्यादेवी की प्रतिमा का अपमान किया गया, जो धनगर समाज के स्वाभिमान पर हमला है।
उन्होंने मांग की कि 27 तारीख तक मोदी सार्वजनिक माफी मांगें, अन्यथा भाजपा के किसी भी मंत्री को महाराष्ट्र में घूमने नहीं दिया जाएगा।भिंगे ने यह सवाल भी उठाया कि धनगर समाज के नेता कहलाने वाले भाजपा विधायक गोपीचंद पडळकर इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं।
● कांग्रेस की राज्य निर्वाचन समिति की बैठक
सपकाळ ने स्पष्ट किया कि नगरपालिकाओं और महानगरपालिकाओं की तरह जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में भी जहां संभव होगा, समान विचारधारा वाले दलों से गठबंधन किया जाएगा, लेकिन ‘घड़ी’ (एनसीपी—अजित पवार गुट) के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा।
तिलक भवन में हुई राज्य निर्वाचन समिति की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य व पूर्व मंत्री बालासाहेब थोरात, नसीम खान, गोवा प्रभारी माणिकराव ठाकरे, विधायक विश्वजीत कदम, एआईसीसी सचिव बी.एम. संदीप, प्रदेश उपाध्यक्ष एड. गणेश पाटील, मोहन जोशी, महिला कांग्रेस अध्यक्ष संध्याताई सव्वालाखे, युवक कांग्रेस अध्यक्ष शिवराज मोरे सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
बैठक में जिला परिषद चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।वंचित बहुजन आघाड़ी पर पूछे गए सवाल के जवाब में सपकाळ ने कहा कि लातूर और नांदेड़ महानगरपालिकाओं में दोनों दलों ने मिलकर चुनाव लड़ा। यह गठबंधन आंकड़ों का नहीं, विचारों का मेल है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी करते हुए सपकाळ ने कहा कि उन्हें कांग्रेस की चिंता छोड़कर यह बताना चाहिए कि “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान भारतीय सेना की विजय के बीच अमेरिका के दबाव में उन्होंने समर्पण क्यों किया। साथ ही उन्होंने कहा कि मुंबई महानगरपालिका में बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना का महापौर न बनना मोदी के लिए खुशी की बात रही होगी।


