मुंबई वार्ता संवाददाता

वसई-विरार में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने के विरोध में अब राजनीतिक दल और नागरिक संगठन एकजुट हो गए हैं। स्मार्ट मीटर के कारण बिजली बिल में कथित तौर पर भारी बढ़ोतरी होने और उपभोक्ताओं की अनुमति के बिना पुराने मीटर हटाकर नए मीटर लगाए जाने के आरोपों के बीच 7 सितंबर को मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर ‘हाईवे रोको’ आंदोलन करने का निर्णय लिया गया है।


यह आंदोलन शिरसाड फाटा स्थित के.टी. रिसॉर्ट के सामने किया जाएगा। बुधवार को वसई-विरार शहर के महापौर अजीव पाटील की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में आंदोलन का फैसला लिया गया। बैठक में कांग्रेस, शिवसेना (ठाकरे गुट), महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और लाल बावटा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
■ स्मार्ट मीटर को लेकर नाराजगी
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद बिजली के बिल में अत्यधिक और कई मामलों में दोगुनी वृद्धि देखने को मिल रही है। इसके अलावा, कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उनकी पूर्व अनुमति लिए बिना पुराने मीटर निकालकर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। इन शिकायतों को लेकर महावितरण के खिलाफ लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
आंदोलन के दौरान महावितरण के वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर स्मार्ट मीटर लगाने का निर्णय तत्काल वापस लेने की मांग की जाएगी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह आंदोलन बढ़े हुए बिजली बिल और कथित मनमाने तरीके से मीटर बदलने के खिलाफ है।
■ ‘जनता परेशान, इसलिए सभी दल साथ’
महापौर अजीव पाटील ने कहा कि स्मार्ट मीटर से बढ़े बिजली बिलों के कारण वसई-विरार की जनता परेशान है। नागरिकों की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाने के लिए सभी राजनीतिक दलों ने एकजुट होकर आंदोलन का रास्ता अपनाया है।
शिवसेना (ठाकरे गुट) की महिला आघाड़ी की जिला संगठक किरण चेंदवणकर ने कहा कि महंगे बिजली बिलों का सबसे अधिक असर मेहनतकश और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। उन्होंने महिलाओं से भी बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल होने की अपील की।
वहीं, कांग्रेस के महासचिव डॉ. दिनेश कांबले ने आरोप लगाया कि लोगों की अनुमति के बिना मीटर बदले जा रहे हैं और उन्हें भारी-भरकम बिजली बिल भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 7 सितंबर को रास्ता रोको आंदोलन के जरिए स्मार्ट मीटर का विरोध किया जाएगा।
■ हाईवे पर यातायात प्रभावित होने की आशंका
मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग वसई-विरार और मुंबई के बीच एक महत्वपूर्ण यातायात मार्ग है। ऐसे में 7 सितंबर को प्रस्तावित ‘हाईवे रोको’ आंदोलन के कारण इस मार्ग पर यातायात प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन और पुलिस के लिए भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती हो सकती है।
गौरतलब है कि स्मार्ट मीटर को लेकर महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में भी राजनीतिक विरोध देखने को मिला है। हाल में मुंबई में भी स्मार्ट मीटर लगाने और बिजली दरों को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए हैं।


