मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने नवी मुंबई कृषि उत्पन्न बाजार समिति (APMC) के पूर्व उपाध्यक्ष धनंजय वडकर (58) के खिलाफ ₹57.14 करोड़ की कथित धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज की है। यह मामला पायधुनी पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है। वडकर पर कंपनी के साथ आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।


● राजनीतिक रसूख का हवाला देकर निवेश का आरोप
शिकायतकर्ता राजेंद्र पिसाट (66), जो लैविश लग्ज़री एलएलपी में कंसल्टेंट हैं, के अनुसार धनंजय वडकर ने अपने राजनीतिक संपर्कों का हवाला देकर कंपनी को रियल एस्टेट में बड़े पैमाने पर निवेश के लिए प्रेरित किया। लैविश लग्ज़री एलएलपी लग्ज़री वस्तुओं के आयात-निर्यात से जुड़ी कंपनी है। वर्ष 2021 में वडकर इस फर्म में पार्टनर बने थे और नवंबर 2021 में पार्टनरशिप एग्रीमेंट किया गया था।
पुणे में जमीन खरीद के नाम पर ₹433 करोड़ ट्रांसफरशिकायत में आरोप है कि नवंबर 2021 में वडकर के कहने पर कंपनी ने पुणे में सस्ती दरों पर जमीन खरीदने के नाम पर कुल ₹433 करोड़ ट्रांसफर किए। इनमें से ₹135 करोड़ तो वडकर ने वापस कर दिए, लेकिन शेष ₹298 करोड़ कथित तौर पर किसानों से विवादित और मुकदमेबाजी वाली जमीनों की खरीद में लगाए गए।
आरोप है कि इन जमीनों के लिए वास्तविक कीमत का केवल 10 से 20 प्रतिशत ही भुगतान किया गया।मुनाफे में साझेदारी नहीं, नकद भुगतान का भी दावाकुल मिलाकर करीब 16 एकड़ जमीन खरीदी गई। इनमें से 243 गुंठा जमीन बाद में ऊंचे दामों पर बेच दी गई, जबकि 402.45 गुंठा जमीन अब भी वडकर के कब्जे में होने का दावा किया गया है।
शिकायत के मुताबिक, कंपनी ने वडकर को 10–12 करोड़ रुपये नकद और करीब 17 करोड़ रुपये चेक के जरिए दिए, लेकिन जमीन की बिक्री से हुए मुनाफे में कंपनी को उसका हिस्सा नहीं दिया गया।स्टांप ड्यूटी चोरी का भी आरोपशिकायत में यह भी कहा गया है कि वडकर ने पार्टनर होने की स्थिति का दुरुपयोग करते हुए अपने सहयोगियों के साथ मिलकर अन्य पार्टनरों को गुमराह किया और कंपनी के फंड का गलत इस्तेमाल किया। बेची गई जमीन की कुल कीमत ₹29 करोड़ बताई गई है, जबकि वडकर के पास कथित तौर पर मौजूद शेष जमीन की सरकारी वैल्यू ₹28.14 करोड़ आंकी गई है। इस तरह कुल कथित धोखाधड़ी की रकम ₹57.14 करोड़ बताई जा रही है।
इसके अलावा जमीन की रजिस्ट्री कम मूल्य पर दिखाकर स्टांप ड्यूटी की चोरी कर सरकार को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप है।EOW की जांच शुरूशिकायत के आधार पर EOW ने धनंजय वडकर के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में लेन-देन, जमीन सौदों और दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जा रही है।


