मुंबई वार्ता संवाददाता

2006 के मालेगांव बम धमाके मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए चार आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत ने इनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को खारिज (क्वैश) कर दिया। इस मामले में अब सभी आरोपी बरी किए जा चुके हैं।


हाई कोर्ट की पीठ, जिसमें मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति श्याम चंदक शामिल थे, ने विशेष अदालत के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें इन आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए थे।
यह फैसला उन चार आरोपियों—राजेंद्र चौधरी, धन सिंह, मनोहर राम सिंह नरवरिया और लोकेश शर्मा—की अपील पर आया, जिन्होंने ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी।


अदालत ने पाया कि आरोप तय करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य मौजूद नहीं थे, जिसके आधार पर विशेष अदालत का आदेश टिक नहीं सकता। इस वजह से सभी आरोपों को रद्द कर दिया गया और आरोपियों को राहत मिली।
यह मामला करीब दो दशक पुराना है। 8 सितंबर 2006 को महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए बम धमाकों में दर्जनों लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों घायल हुए थे।
इस फैसले के बाद स्थिति यह हो गई है कि इस मामले में अब कोई भी आरोपी ट्रायल का सामना नहीं कर रहा है, जिससे पीड़ितों के परिवारों के लिए न्याय की उम्मीद और जटिल हो गई है।


