मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई के विवादित पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह को लीलावती अस्पताल ने गंभीर आरोपों के चलते पद से हटा दिया है। अस्पताल प्रशासन ने उन पर डॉक्टरों से पदोन्नति के बदले प्रति डॉक्टर 25 लाख रुपये की अवैध मांग करने का आरोप लगाया है। इन आरोपों के सामने आने के बाद लीलावती अस्पताल ट्रस्ट ने उन्हें तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया।


जानकारी के अनुसार, अस्पताल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञों ने परमबीर सिंह की कथित अवैध गतिविधियों का खुलासा किया, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया। ट्रस्ट का आरोप है कि सिंह ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए डॉक्टरों पर खाली कागजों पर हस्ताक्षर करने का दबाव भी बनाया।
गौरतलब है कि पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद जुलाई 2024 में परमबीर सिंह को लीलावती अस्पताल का कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया था। हालांकि, पदभार संभालने के बाद से ही अस्पताल में कई बड़े विवाद सामने आए थे।
परमबीर सिंह ने इससे पहले लीलावती अस्पताल के पूर्व ट्रस्टियों पर करीब 1200 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका दावा था कि उन्होंने अस्पताल में हुए बड़े आर्थिक घोटाले का पर्दाफाश किया है। लेकिन इस शिकायत के तुरंत बाद ही उन्हें कार्यकारी निदेशक पद से हटा दिया गया।
अब अस्पताल ट्रस्ट का कहना है कि परमबीर सिंह ने संस्थान में आंतरिक अशांति फैलाने की कोशिश की और डॉक्टरों से कथित तौर पर वसूली कर अपने पद का दुरुपयोग किया। फिलहाल यह मामला चर्चा में बना हुआ है और आगे की कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।


