मुंबई वार्ता/हरीशचंद्र पाठक

केंद्र तथा राज्य सरकार जहां पिछले एक दशक से पूरे भारत में स्वच्छ भारत अभियान चला रही है वहीं मुंबई उपनगर के साकीनाका सिग्नल से लेकर सर्वोदय अस्पताल तक एक भी सुलभ शौचालय न होने से स्थानीय नागरिकों, दूरदराज से काम करने आने वाले लोगों तथा रिक्शा और टैक्सी चालकों को काफी परेशानी का सामना उठाना पड़ रहा है। खास बात यह है कि साकीनाका चौराहे से सर्वोदय अस्पताल के बीच की दुरी करीबन चार किलोमीटर है। इतनी लंबी दूरी के बीच एक भी सुलभ मौजूदा समय में नहीं है। जिसके कारण अनेक सामाजिक संगठनों की ओर से शौचालय बनाने की मांग की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दो दशक पहले साकीनाका के मोहिली विलेज मनपा स्कूल के पास सुलभ शौचालय था। लेकिन रोड कटिंग में इसे तोड़ दिया गया। आज मौजूदा समय में यहां की यह हालत है कि यदि किसी को लघुशंका करनी है तो वह सड़कों के किनारे खड़ी की गई वाहनों के पीछे शौच करने पर विवश है।
भारतीय जनता पार्टी वार्ड क्रमांक १६० के अध्यक्ष नितिन कांबले ने बताया कि असल्फा मेट्रो स्टेशन के दोनों तरफ अनेक स्कूल और व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं जहां पर बड़ी संख्या में लोग कामकाज के लिए आते हैं लेकिन उसके बाद भी मनपा की ओर से एक भी सुलभ शौचालय नहीं बनाया गया। कांबले के अनुसार दो दशक पहले मोहिली विलेज मनपा स्कूल के पास सुलभ शौचालय था जिसे सड़क विस्तारीकरण के दौरान तोड़ दिया गया। उसके बाद से अभी तक मनपा की ओर से एक भी सुलभ शौचालय नहीं बनाया जा सका। इस कारण नागरिकों,बुजुर्गों और स्कूली बच्चों की दिक्कतें बढ़ गई हैं।


