सांप काटे तो हो जायें,सावधान।

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धीरज फूलमती सिंह-स्तंभकार/ मुंबई वार्ता

भारत में ठंड का मौसम अपने अंतिम दौर में है,यहां मुंबई में तो गर्मी थोडी सी बढने भी लगी है। आप को शायद पता होगा कि ठंड भर नींद लेने के बाद गर्मी शुरू होते ही सांप बिलों से बाहर आने लगे हैं! जगह-जगह सांप दिखने की घटनाएं सामने आने लगी हैं। ऐसे में सर्पदंश के मामले भी बढ़ेंगे, सांप काटने पर बहुत से लोग झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ जाते हैं तो वहीं कुछ अस्पताल न जा कर पारंपरिक तरीके से पीड़ित का इलाज करने लगते हैं।कोई चीरा लगाने लगता है तो कोई सर्पदंश के स्थान को बांधने लगता है लेकिन,ये सब तरीके अब बीती बातें हो गई हैं। नए जमाने में खुद को अपडेट करें, सांप काटने पर चीरा लगाना, जहर चूसना, घाव के आसपास कसकर बांधना नहीं चाहिए. बल्कि, आधुनिक तरीके से इलाज करना चाहिए, जिससे पीड़ित आसानी से अस्पताल तक पहुंच जाए।

किसी को सांप काटे और आप घाव की जगह को मुंह लगा के चुसने लगे तो यह फिल्मो में बडा रोमान्टिक लगता है,हकीकत में ऐसा करेगे तो पीडित के साथ साथ आप की भी जान को खतरा हो सकता है। सांप दंश की जगह पर उपर या नीचे कुछ बांधना नही चाहिए या घाव की जगह किसी प्रकार से कट पीट नही करनी चाहिए फिल्मो में अधिकांशत नायिकाये ऐसा करती है लेकिन आप ऐसा न करे, फिल्मी ज्ञान को फिल्म तक ही रहने दें।

■फिल्मो के असर से जितना दूर रहेगे उतना पीडित का भला होगा।

कोई जहरीला सांप किसी को काट ले तो पीडित के पास इतना समय नही होता है कि वह बेकार के ड्रामे कर सके। लोग बाग भी विशेषज्ञ बन अजीब ओ गरीब सलाह देने लगते है। मरीज के आसपास का हर व्यक्ति विशेषज्ञ वैध बन जाता है।…किसी की न सुने! बस इतना ध्यान रखे कि पीडित को हर हाल में पास के अस्पताल पहुंचाना है। हां इतना जरूर करें कि सांप की नश्ल, रंग रूप और लंबाई, मोटाई को ध्यान रख लें,पता कर लें,यह पीडित के इलाज में मदद करता है। ऐसी जानकारियां डॉक्टर द्वारा एण्टी डोज देने में सहयोग करती है। इसके साथ साथ सबसे बेहतरीन होगा कि अस्पताल पहुंचने तक पीडित को सोने न दें,उसे नींद आ रही हो,मुर्छा लग रही हो,आँखे बंद हो रही हो तो गाल पर धीरे-धीरे थपकी देकर जगाये रखें। उस से बात करते रहे ताकि उसे नींद न आये,ना ही वो निराश हो! जितना हो सके,उसे मोटिवेटेड करते रहे,सर्पदंश की दुर्घटना से उसका ध्यान हटाये रहे।

ऐसा देखा गया है कि सांप काटने के बाद उसके जहर से सिर्फ 38% लोग ही मरते है,62% लोग सांप काटने के डर से ही मर जाते है। कई लोगो को तो जहरीला सांप काटता ही नही है,फिर भी सांप काटने के दहशत से ही लोग मर जाते है। सांप के काटने का डर सबसे ज्यादा खतरनाक होता है। जितना हो सके, डर को नियंत्रित रखें। बाकि की जिम्मेदारी डाॅक्टर पर छोड दें।

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