हरीशचंद्र पाठक/मुंबई वार्ता

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में दलित, ओबीसी, अल्पसंख्यक एवं आदिवासी महासंघ (डोमा) की ओर से महाराष्ट्र अध्यक्ष प्रीतम आठवले ने डोमा का विस्तार करने और पूरे महाराष्ट्र में पदाधिकारियों की नियुक्ति करने का वादा किया। इसके अलावा डोमा को राजनीतिक माहौल के अनुरूप ढालने का संदेश भी दिया।
बता दें कि डॉ उदित राज द्वारा स्थापित डोमा पूरे देश में नया रूप ले रहा है। इसी कड़ी में आज डोमा महासंघ के महाराष्ट्र अध्यक्ष प्रीतम आठवले ने पत्रकारों से डोमा के बारे में बातचीत की। उन्होंने कहा कि डोमा महासंघ के अध्यक्ष – डॉ. उदित राज, महासचिव – शाहिद अली, राष्ट्रीय संयोजक – एडवोकेट सतीश सांसी और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष ए. पी. खान को महाराष्ट्र की जिम्मेदारी दी गई है और आने वाले दिनों में डोमा के विस्तार के लिए अन्य पदाधिकारियों की नियुक्ति करेंगे ।
● वैसे DOMA क्या है?
डोमा (दलित, ओबीसी, अल्पसंख्यक और आदिवासी) महासंघ की अवधारणा है कि इन लोगों के साथ अनुचित व्यवहार किया जा रहा है और उनका कल्याण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।जिसके लिए डॉ उदित राज के मार्गदर्शन में मुंबई से दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई तक नए बुद्धिवान, शिक्षित लोगों को शामिल कर नए चेहरों को विभिन्न पदों पर बिठाकर डोमा के विचारों को प्रचार प्रसार के माध्यम से जन जन तक पहुंचाने का प्रयास सफलता पूर्वक किया जा रहा हैं। जिसकी कमान अध्यक्ष के रूप में प्रितम आठवले को सौंपी गई है।


