मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

गढ़चिरौली जिले में विवादास्पद धान घोटाले के सिलसिले में कुरखेड़ा पुलिस ने रविवार को देउलगांव (गढ़चिरौली) क्रय केंद्र के ५ निदेशकों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने धान घोटाला मामले में क्रय केंद्र के अध्यक्ष व सचिव समेत १७ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इनमें से दो को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और अब पांच और की गिरफ्तारी के साथ गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है।


पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए लोगों में संगठन के अध्यक्ष पतिराम कोकोडे, उपाध्यक्ष पंढरी दड़गे और बोर्ड के सदस्य भाऊराव कवाडकर, नुसाराम कोकोडे और भीमराव शेंडे शामिल हैं। घोटाले के मुख्य आरोपी उप क्षेत्रीय प्रबंधक मुरलीधर बावने और संस्था के प्रबंधक महेंद्र मेश्राम समेत दस आरोपी अभी भी फरार हैं।
गढ़चिरौली जिले में, देउलगांव खरीद केंद्र में प्रसिद्ध दो वर्षों २०२३-२४ और २०२४-२५ में धान खरीद में १०,००० क्विंटल का अंतर था। जांच के बाद उस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में हलचल मच गई है। गढ़चिरौली जिला कलेक्टर अविशांत पांडा ने मामले को गंभीरता से लिया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद आदिवासी विकास महामंडल के उप क्षेत्रीय प्रबंधक हिम्मतराव सोनवाने की लिखित शिकायत के आधार पर कुरखेड़ा पुलिस ने आदिवासी विकास महामंडल के उप क्षेत्रीय प्रबंधक मुरलीधर बावने, प्रभारी विपणन निरीक्षक चंद्रकांत कासरकर, हितेश पेंदाम, महेंद्र विस्तारी मेश्राम, आदिवासी विविध कर्मकार सहकारी समिति के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, संचालक के साथ ही संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों समेत कुल १७ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
इस बीच, चंद्रकांत कासरकर और हितेश पेंदाम को गिरफ्तार कर लिया गया है। कल पांच और लोगों को गिरफ्तार किया गया। आदिवासी विकास निगम के उप क्षेत्रीय प्रबंधक और देऊलगांव के आदिवासी विविध कार्य संगठन के प्रबंधक महेंद्र मेश्राम अभी भी फरार हैं। पुलिस इंस्पेक्टर महेंद्र वाघ इस मामले की जांच कर रहे हैं।


