मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई महानगरपालिका के अंतर्गत कुल 2121 सड़कों में से मात्र 479 सड़कों का ही कंक्रीटीकरण कार्य पूरा हुआ है। यानी अब भी 1600 से अधिक सड़कें अधूरी, खुदी हुई या खस्ताहाल स्थिति में हैं। पूरा शहर धूल, मिट्टी और ट्रैफिक जाम से त्रस्त है, और अब मानसून में ये गड्ढे कीचड़ और हादसों में तब्दील होने जा रहे हैं। यह जानकारी राष्ट्रवादी युवक कॉंग्रेस के मुंबई अध्यक्ष एडवोकेट अमोल मातेले ने दी है।
उन्होने बताया कि फरवरी महीने में महानगरपालिका आयुक्त ने स्पष्ट आदेश दिए थे कि 31 मई 2025 तक सभी सड़कें पूरी तरह से तैयार होनी चाहिए। लेकिन यह आदेश भी बाकी फाइलों की तरह कागजों में ही दबकर रह गया है।महापालिका में इस समय प्रशासक राज है – जनता द्वारा चुना गया कोई प्रतिनिधि नहीं। इसी शून्याचा फायदा उठाकर ठेकेदार, अधिकारी और दलालों का एक ‘सिंडिकेट’ तैयार हो गया है। इस सिंडिकेट में अब यह स्पर्धा चल रही है कि कौन कितनी ‘मलाई’ खा सकता है!काम ठप्प है, निधि बंट चुका है, और कमीशन की बंदरबांट जारी है।
इस भ्रष्ट और निकम्मे कामकाज के विरोध में राष्ट्रवादी युवक काँग्रेस – शरदचंद्र पवार गुट के मुंबई अध्यक्ष अॅड. अमोल मातेले ने सीधा सवाल उठाया है कि “आयुक्त के आदेशों को ठेंगा दिखाकर काम लटकाने वाले ठेकेदारों और भ्रष्ट अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होगी या फिर एक बार फिर ‘श्मशान जैसी शांति’ कायम रहेगी?”हर साल गड्ढों की वजह से जानें जाती हैं, मरीज ट्रैफिक में फँसते हैं, स्कूली बच्चे कीचड़ में गिरते हैं। ये कैसी मुंबई है – ‘शांघाई’ बनने जा रही है या ‘श्मशान’?मुंबईकर हर साल ये सब सहते हैं, लेकिन अब बर्दाश्त नहीं करेंगे। आज सवाल ये है “क्या सच में विकास हो रहा है या सिर्फ मलाई की बंदरबांट चल रही है?”राष्ट्रवादी युवक काँग्रेस जल्द ही आयुक्त को निवेदन सौंपेगी, और अगर हालात में सुधार नहीं हुआ, तो नया आंदोलन छेड़ा जाएगा – एक अनोखे अंदाज में!मुंबई के लिए आवाज उठाना हमारा कर्तव्य है – और हम उसे निभाकर रहेंगे।


