शनि के घर में राहु का गोचर, सिंह में केतु का प्रवेश चिकित्सा क्षेत्र में हो सकता है चमत्कारिक अविष्कार।

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● राहु केतु गोचर से विश्व में और बढ़ेगी भारत की साख

● डेढ़ साल तक कुंभ और सिंह में विराजमान रहेंगे छाया ग्रह

वरिष्ठ संवाददाता /मुंबई वार्ता

सनातन संस्कृति का ज्योतिषशास्त्र ग्रहों की चाल से भविष्य का सटीक आकलन प्रस्तुत करता है। ज्योतिष विज्ञान पूर्णतः वैज्ञानिक आधार पर आगामी परिणाम का इशारा करता है। हर ग्रह के राशि परिवर्तन का देश दुनिया पर असर अवश्य पड़ता है। रविवार 18 मई की शाम 5:20 बजे राहु का गोचर कुंभ राशि में और केतु का गोचर सिंह राशि में हो गया है। राहु और केतु का यह राशि परिवर्तन इस साल की सबसे बड़ी ज्योतिषीय घटनाओं में से एक बताई जा रही है।

भृगु संहिता आचार्य पंडित राम प्रसाद मिश्र ‘ज्योतिषी’ के अनुसार राहु शनि की राशि कुंभ में और केतु सूर्य की राशि सिंह में गोचर करेंगे। अगले डेढ़ साल तो दोनों ग्रह यहीं गोचर करेंगे।राहु केतु के इस गोचर से आने वाले 18 महीने में चिकित्सा क्षेत्र में नए-नए आविष्कार होंगे। साथ ही लाइलाज और भयानक बीमारी के इलाज में चिकित्सा वैज्ञानिकों को महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हो सकती है।

इस दौरान आतंकवाद और नक्सलवाद का पूर्णतः सफाया हो सकता है। पशुधन में वृद्धि होगी, शाकाहार के प्रति लोगों की रुचि बढ़ेगी। पंडित राम प्रसाद मिश्र ने बताया कि राहु में जहां शनि के गुण होते हैं तो केतु में मंगल के गुण होते हैं। राहु किसी ग्रह के प्रभाव को कम कर देता है तो केतु किसी ग्रह के प्रभाव को काफी बढ़ा देता है। राहु केतु का यह राशि परिवर्तन दुनिया को किसी बड़ी बीमारी का इलाज दे सकता है। मेडिकल क्षेत्र में नए-नए आविष्कार के संकेत मिल रहे हैं जिससे लाइलाज बीमारियों का इलाज मिलेगा। डिजिटल संचार तकनीकी क्षेत्र में कोई नई क्रांति की संभावना दिखाई दे रही है। राहु केतु बजाएंगे पाकिस्तान का बैंडपड़ोसी पाकिस्तान की कुंडली के अध्ययन से संकेत मिलता है कि उसकी आर्थिक स्थिति बद से बदतर होगी। आतंकवाद, नक्सलवाद, जातिवाद, रंगभेद, क्षेत्रवाद तथा भाषावाद तेजी से फैलेंगे और नष्ट भी होंगे। विश्व के कई देश एकजुट होकर इनको समाप्त करने की कोशिश करेंगे। इसकी शुरुआत फ्रांस या यूरोप के किसी देश से होगी।

कोई “महिला” विश्व सुधार में महत्वपूर्ण योगदान देगी। पाकिस्तान की स्थिति और खराब होगी। साथ ही उसको गृह युद्ध का भी सामना करना पड़ सकता है। पुलिस और प्रशासन का कार्य जनोन्मुखी होगा। प्राकृतिक आपदा और दुर्घटनाओं की आशंकाअगले डेढ़ साल में बड़े मामले सामने आएंगे। बड़े बदलाव और विवाद होने की आशंका है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार में वृद्धि के साथ शेयर बाजार फिर से बढ़ने की भी संभावना रहेगी। राजनीतिक उथल-पुथल और प्राकृतिक आपदाओं की आशंका बढ़ेगी। कई जगह बड़े अग्निकांड होंगे। दुर्घटना होने की संभावना है। देश और दुनिया में राजनीतिक बदलाव हो सकते हैं। सत्ता संगठन में परिवर्तन होगा। अचानक मौसम में बदलाव हो सकते हैं। बारिश और बर्फबारी की आशंका है। सेना की ताकत बढ़ेगी। देश की कानून व्यवस्था भी मजबूत होगी। विश्व में और अधिक बढ़ेगी भारत की साखराहु और केतु के इस गोचर से भारत की साख विश्व में और अधिक बढ़ेगी। विश्व में कोई बड़ा देश स्वयं की गलती से बुरे वक्त से गुजरेगा। आने वाले समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णय की सभी जगह सराहना होगी और विश्व में भारत निर्णायक भूमिका निभाएगा। विश्व स्तर पर भारत मजबूत देश बनेगा।

भारत की विदेशी राजनीति पूरी तरह सफल रहेगी। भारत के पड़ोसी देशों में राजनीतिक उपद्रव भी हो सकते हैं। सेना में नए हथियार और विमान शामिल होने की संभावना है। राहु और शनि की स्थिति के कारण सीमा पर तनाव तो बढ़ेगा, लेकिन देश की सेनाएं मजबूत रहेंगी। पड़ोसी देशों पर भारत का प्रभाव बढ़ेगा। आर्थिक मामलों में भी देश विश्व स्तर पर मजबूत रहेगा।

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