वरिष्ठ संवाददाता मुंबई

संन्यास आश्रम विले पार्ले पश्चिम के अध्यक्ष एवं मां वैष्णो देवी श्राईन बोर्ड जम्मू सदस्य महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरि महाराज का ‘महामंडलेश्वर पदाभिषेक त्रिदशकपूर्ति महोत्सव’ धूमधाम से मनाया गया।


हरिद्वार के कनखल स्थित सूरत गिरि बंगले में तीन दिवसीय पदाभिषेक त्रिदशकपूर्ति महोत्सव में मुंबई से बड़ी संख्या में साधु-संतों की भीड़ जुटी। इसमें संन्यास आश्रम विले पार्ले आश्रम से जुड़े संत महात्माओं का भी समावेश रहा। स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरि महाराज का 1995 में हरिद्वार के आश्रम में महामंडलेश्वर पदाभिषेक किया गया था। इसके 30 साल पूरा होने पर महामंडलेश्वर पदाभिषेक त्रिदशकपूर्ति महोत्सव आयोजित किया गया।
हाल ही में जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरि महाराज को श्राईन बोर्ड का पुनः सदस्य नियुक्त किया है साथ ही श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े के आचार्य, महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि को अमरनाथ श्राइन बोर्ड का सदस्य नियुक्त किया है। संन्यास आश्रम के मीडिया
प्रभारी दुर्गेश त्रिवेदी ने बताया कि महोत्सव के पहले दिन सुबह भगवान शिव महारुद्रयाग शुरू हुआ। शाम को गंगापूजन और गंगा आरती की गई। दूसरे दिन शिवार्चन महारुद्र यज्ञ के साथ प्रवचन और गंगा आरती की गई। महोत्सव के तीसरे और अंतिम दिन भी यही अनुष्ठान जारी रहा। शाम को शोभायात्रा निकाली गई जिसमें बड़ी संख्या में साधु संतों के साथ श्रद्धालु शामिल हुए। समारोह का समापन संत महाभंडारे के साथ किया गया।
इस अवसर पर स्वामी उमानंद कोठारी हरिद्वार, स्वामी श्रद्धानंद कोठारी मुंबई, स्वामी केशवानंद कोठारी चांदोद सहित बड़ी संख्या में संत, महंत और महामंडलेश्वर उपस्थित थे।


