मुंबई वार्ता संवाददाता

सिविल डिफेंस प्रोग्राम देश के सामान्य नागरिक को आपातकालीन स्थिति में नागरिकों की सहायता हेतु शिक्षित करने का एक अहम कार्यक्रम है। देश में 7 वर्ष में 1 करोड खयंसेवकों का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए नागरिक सुरक्षा संगठन को देश के सभी जिलों में एक मजबूत उपस्थिति की आवश्यकता है। 1968 में संसद में कानून पारित कर (सिविल डिफेंस) नागरी सुरक्षा कार्यक्रम को लागू किया गया।


महाराष्ट्र सरकार के द्वारा आपातकालीन प्रबंधन के सिद्धांतों का उपयोग, रोकथाम , शमन, तैयारी, प्रतिक्रिया, या आपातकालीन निकासी और पुनर्प्राप्ति जैसे विषयों पर आम जनता तैयार हो इस हेतु कांदिवली पश्चिम अग्निशमन केंद्र के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर मुंबई भाजपा प्रसिद्धि प्रमुख नीला कनुभाई सोनी उपस्थित हुई और ट्रेनिंग प्रोग्राम से जुड़े नागरिकों से संवाद स्थापित किया।
इस अवसर पर उन्होंने नागरी संरक्षण अधिकारीयों की प्रशंसा की, और कहा कि किसी भी आपदा के समय सबसे पहले आसपास के स्थानिक नागरिक ही आपदा ग्रस्त को मदद करते हैं अतः सामान्य नागरिक इसके लिए तैयार हो यह अत्यंत आवश्यक है। आधे अधूरे ज्ञान से आप चाहकर भी आपदा प्रभावी लोगों की सहायता नहीं कर सकते। अतः सिविल डिफेंस ट्रेनिंग प्रोग्राम से नागरिकों को सही तरीका सीखने को मिलता है।
आपदा प्रभावी लोगों के जानमाल की रक्षा के लिए यह अति महत्वपूर्ण योगदान होगा।कांदिवली पश्चिम में चल रहे इस 7 दिवसीय कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया।राज्य सरकार द्वारा पुरस्कृत इस कार्यक्रम को भिन्न भिन्न शिक्षा संस्थानों, एनजीओ द्वारा प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर नीला सोनी ने जोर दिया।
अधिकारी गण सर्वश्री राजेंद्र लाड, भूषण पागधरे, योगेन्द्र नानुस्कर, पंढरीनाथ ताड़गे और ऋषिकेश कारगुटकर ने नीला कनुभाई राठोड़ का पुष्पगुच्छ से सत्कार किया। और अपनी आवश्यकताओं का निवेदन किया।


