मुंबई वार्ता/सतीश सोनी


पीओपी गणेश मूर्तियों पर प्रतिबंध लगाने की साज़िश रची गई थी। राज्य के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने पेण में गंभीर आरोप लगाया कि तत्कालीन कांग्रेस और वर्तमान महा विकास अघाड़ी पार्टी इसमें शामिल थीं। लेकिन राज्य सरकार ने मूर्ति निर्माताओं के साथ बातचीत करके इस साज़िश को नाकाम कर दिया है। इस प्रकार का आरोप मंत्री एवं भाजपा मुंबई अध्यक्ष आशीष शेलार ने लगाया है।

उन्होंने बताया कि पीओपी गणेश मूर्तियों पर प्रतिबंध हटा लिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार इस मूर्ति के विसर्जन पर सकारात्मक रुख अपनाएगी। उन्होंने मूर्ति निर्माताओं को आश्वासन दिया कि हम शहरी नक्सली संगठनों द्वारा हिंदू त्योहारों पर प्रतिबंध लगाने के प्रयासों को सफल नहीं होने देंगे।
पीओपी गणेश मूर्तियों पर प्रतिबंध हटने के बाद, गणेश मूर्ति निर्माताओं के संगठन द्वारा पेण हमरापुर के तांबडशेत में आशीष शेलार के सम्मान में एक समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान, शेलार ने मूर्तिकारों को पीओपी मूर्तियों पर प्रतिबंध के पीछे का इतिहास बताया। 2003 का मुकदमा पीओपी के खिलाफ नहीं था। यह अस्थि विसर्जन और समुद्र व नदियों में स्नान से होने वाले प्रदूषण के खिलाफ था। हालांकि, तत्कालीन कांग्रेस सरकार की सुनवाई के दौरान केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से एक हलफनामा दायर किया गया था। इसमें कहा गया था कि अस्थि विसर्जन के साथ-साथ गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन से भी प्रदूषण होता है। यह हिंदू त्योहारों पर प्रतिबंध लगाने की साजिश थी।
परिपत्र जारी करते समय मूर्ति निर्माताओं को ध्यान में नहीं रखा गया। 2010 में जारी परिपत्र को लागू करने के लिए नागपुर, बॉम्बे उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में याचिकाएं दायर की गईं। मूर्तियों के निर्माण, वितरण, पूजा और विसर्जन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी। यह भी नहीं सोचा गया कि इससे लाखों लोगों के रोजगार पर असर पड़ेगा।आखिरकार, राज्य सरकार ने अनिल काकोडकर की अध्यक्षता में एक आयोग नियुक्त किया और यह पता लगाने के लिए एक अध्ययन का अनुरोध किया कि क्या पीओपी की मूर्तियां पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती हैं।
काकोडकर आयोग ने एक अध्ययन किया और एक रिपोर्ट प्रस्तुत की। सरकार पीओपी की गणेश मूर्तियों के विसर्जन के संबंध में एक हलफनामा दायर करेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जब तक देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार राज्य में है, तब तक हिंदू त्योहारों पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।


