मुख्यमंत्री फेलोशिप के तहत फेलोज को मिलेगा IIT बॉम्बे का मार्गदर्शन।

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■ लोक नीति प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम हेतु राज्य सरकार और IIT बॉम्बे के बीच समझौता।

मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र सरकार के मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम से जुड़े युवाओं को अब लोक नीति (पब्लिक पॉलिसी) पर प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम प्रदान किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार के नियोजन विभाग और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे के बीच आज एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की प्रमुख उपस्थिति में हुआ।

इस अवसर पर नियोजन विभाग के अपर मुख्य सचिव राजगोपाल देवरा और IIT बॉम्बे के निदेशक प्रो. शिरीष केदारे ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कार्यालय की विशेष कार्य अधिकारी प्रिया खान, आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय के निदेशक कृष्णा फिरके, सहसचिव चारुशीला चौधरी, मुख्य अनुसंधान अधिकारी निशा पाटिल, उपसंचालक दीपाली धावरे, तथा IIT बॉम्बे के उपनिदेशक प्रो. मिलिंद अत्रे, डीन प्रो. उषा अनंतकुमार, प्रो. विनीश कठुरिया, और प्रो. परमेश्वर उदमले भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि यह कार्यक्रम 2015 से लगातार अधिक परिपक्व और समृद्ध होता जा रहा है। “IIT जैसी प्रतिष्ठित संस्था के साथ यह फेलोशिप कार्यक्रम नई ऊँचाइयों पर जाएगा। युवाओं को काम के साथ-साथ ज्ञान और मूल्यवर्धन प्राप्त होगा, जिससे उनका करियर भी समृद्ध होगा।”

उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य शैक्षणिक रूप से सक्षम और सामाजिक दृष्टिकोण रखने वाले युवाओं को शासन से जोड़ना है। “जब विभिन्न क्षेत्रों से आए युवा सरकार के साथ काम करते हैं, तो शासन को नए दृष्टिकोण और विचार मिलते हैं, जिससे प्रशासन अधिक प्रभावी बनता है। यह कार्यक्रम युवाओं को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का भी अवसर देगा।”

अपर मुख्य सचिव देवरा ने बताया कि इस वर्ष से फेलोज को जिला स्तर पर जिलाधिकारियों और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ कार्य करने का अवसर मिलेगा, जिससे नीति निर्माण में भी उनका योगदान होगा। उन्होंने बताया कि यह पाठ्यक्रम सार्वजनिक विकास की चुनौतियों को समझने और सुलझाने के लिए आवश्यक उपकरण और विज्ञान की जानकारी देगा।

श्रीमती खान ने कहा कि इस वर्ष 4,403 युवाओं ने पंजीकरण किया, जिनमें से 214 की इंटरव्यू ली गई और 60 का चयन किया गया। इन फेलोज को जिला प्रशासन से जोड़ा जाएगा, और ‘कर्मयोगी भारत’ पहल के तहत 14 विभिन्न पाठ्यक्रमों में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रो. केदारे ने इस फेलोशिप कार्यक्रम में भागीदारी को महत्वपूर्ण अवसर बताया।पाठ्यक्रम की प्रमुख बातें :कुल 20 दिन कक्षा आधारित प्रशिक्षणवर्षभर में 90 घंटे ऑनलाइन शिक्षाIIT के वरिष्ठ प्रोफेसरों, सेवानिवृत्त सिविल अधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ संवाद

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