मुंबई वार्ता संवाददाता

हाल ही में संपन्न हुई रेलवे पुलिस (जीआरपी) भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों के साथ बड़े पैमाने पर ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस की वर्दी पहने एक युवक ने अपने साथियों के साथ मिलकर भर्ती कराने का झांसा देकर उम्मीदवारों और उनके परिजनों से लाखों रुपये ऐंठ लिए। मामले में चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।


धाराशिव निवासी और पेशे से शिक्षक अनिल जाधव की शिकायत पर पुलिस ने सचिन राठोड, नयन राठोड, चंद्रकांत राठोड और आरती जाधव के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। अनिल जाधव के बेटे ने रेलवे पुलिस भर्ती के लिए आवेदन किया था।
पुलिस के अनुसार, 19 अप्रैल को घाटकोपर स्थित रेलवे पुलिस मुख्यालय के मैदान में आयोजित शारीरिक परीक्षा के दौरान जाधव अपने बेटे के साथ वहां पहुंचे थे। इसी दौरान पुलिस की वर्दी पहने सचिन राठोड अभ्यर्थियों और उनके परिजनों से बातचीत कर रहा था। जाधव से परिचय बढ़ाने के बाद उसने खुद को सोलापुर का निवासी बताया और दावा किया कि वह उनके बेटे की भर्ती सुनिश्चित कर सकता है।
सचिन राठोड ने इसके लिए पहले 15 लाख रुपये की मांग की, लेकिन बाद में यह कहते हुए कि वे बंजारा समाज से हैं, उसने साढ़े 12 लाख रुपये में काम कराने का भरोसा दिया। मैदान में उसकी सक्रियता और पुलिस वर्दी में मौजूदगी के कारण जाधव को उस पर विश्वास हो गया।
शुरुआत में 50 हजार रुपये दिए गए और बाद में किश्तों में अनिल जाधव ने सचिन राठोड और उसके साथियों को कुल साढ़े छह लाख रुपये दे दिए। लेकिन जब उनके बेटे का चयन नहीं हुआ, तो उन्होंने पैसे वापस मांगने शुरू किए। इसी दौरान उन्हें पता चला कि कई अन्य लोगों से भी इसी तरह पैसे लिए गए थे और उनका भी काम नहीं हुआ। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस का रुख किया।
जांच में सामने आया है कि शारीरिक परीक्षा के दौरान सचिन राठोड अभ्यर्थियों को पीले रंग की टी-शर्ट बांट रहा था। वह दावा करता था कि जिन्हें ये टी-शर्ट दी जा रही हैं, उनके शारीरिक परीक्षा के अंक बढ़ाए जाएंगे और इससे अधिकारियों को यह पता चलेगा कि ये उम्मीदवार उसके माध्यम से आए हैं।
इतना ही नहीं, उसने अभ्यर्थियों को यह भी भरोसा दिलाया था कि लिखित परीक्षा के दौरान निगरानी करने वाले पर्यवेक्षक उसके संपर्क में हैं और वे प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध कराकर उम्मीदवारों की मदद करेंगे।
पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, मुख्य आरोपी सचिन राठोड को पुलिस सेवा से निलंबित किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। मामले में अन्य पीड़ितों की संख्या और ठगी की कुल रकम का पता लगाने के लिए जांच जारी है।


