श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

एनकाउन्टर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा ने कहा कि, “ड्रग्स पर पूरी तरह रोक तभी लगेगी जब ड्रग्स बनाने के लिए जरूरी केमिकल्स की बेरोकटोक विक्री बंद नहीं होती। पुलिस के साथ फूड एंड ड्रग्स विभाग को भी सक्रिय होना होगा।”
प्रदीप शर्मा ने कहा कि,” पुलिस अपना काम बेहतरीन तरीके से कर रही है। अभी कल ही जोन-10 के पुलिस उपायुक्त दत्ता नलावाडे के मार्गदर्शन में मुंबई पुलिस कर्नाटक तक पहुंची। बेहतरीन जाँच का प्रदर्शन करते हुए पुलिस ने 390 करोड़ की एमडी ज़ब्त कर ड्रग्स फैक्टरी का पर्दाफाश किया। लेकिन जाँच इस बात की भी होनी चाहिए कि आखिर इन ड्रग्स बनाने वाली कंपनियो को इतने बड़े पैमाने पर आवश्यक केमिकल कौन और कहां से आपूर्ति कर रहा है ? और उन केमिकल आपूर्ति करने वाली कंपनियो.के खिलाफ कानून का कड़ाई से उपयोग कैसे हो सकता है ?”


प्रदीप शर्मा ने स्पष्ट रूप से कहा कि,”ड्रग्स को रोकने के लिए पुलिस विभाग की सक्रियता बधाई की पात्र हैं लेकिन फूड एंड ड्रग्स विभाग को भी इन केमिकल्स की रोकथाम की ओर विशेष ध्यान देना होगा। पुलिस द्वारा ड्रग्स को रोकने के लिए किया जा रहा काम सिर्फ पेड़ के पत्ते झाड़ने जैसा ही है, जबकि इस ड्रग्स रूपी विशाल वृक्ष को खत्म करने के लिए उसकी जड़ो को काटना होगा। इसके लिए फूड एंड ड्रग्स विभाग की भूमिका को सशक्त बनाना होगा।”


