■ मुख्यमंत्री के फैसले से जैन समाज खुश.
मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

मुंबई के दादर इलाके में कबूतरखाने को अचानक बंद करना ठीक नहीं है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की है कि ज़रूरत पड़ने पर वे सुप्रीम कोर्ट जाएँगे। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि जब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक नगर निगम कबूतरों को दाना-पानी देने पर नियंत्रण रखे। अब मुंबई के जैन समाज ने इस पर खुशी जताई है। देवेंद्र फडणवीस के निर्देश के बाद कबूतरखाने पर लगा तिरपाल तुरंत हटा दिया जाएगा।


हाईकोर्ट के निर्देश के बाद मुंबई नगर निगम ने कबूतरखाने को बंद कर दिया। लेकिन गुजराती जैन समाज आक्रामक हो गया। उनकी माँग थी कि हम कबूतरों को दाना-पानी देने के लिए टैक्स दें, लेकिन कबूतरखाना फिर से खोलें। इसमें राज्य मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा भी सहयोगी की भूमिका निभाते नज़र आए।


मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने कहा, “कबूतरखाने को तिरपाल लगाकर बंद कर दिया गया था, अब वह तिरपाल हटा दिया जाएगा। मैं हिंदू समाज, जैन समाज और अहिंसक समाज की ओर से देवेंद्र फडणवीस का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूँ। उन्होंने लोगों की भावनाओं को समझते हुए यह फैसला लिया है। इस फैसले के अनुसार, आज से कबूतरखाने में कबूतरों को सीमित मात्रा में दाना दिया जाएगा।”
मंगलप्रभात लोढ़ा ने आगे कहा, “इस संबंध में एक समिति बनाई जाएगी। कबूतरखाने की जो पानी की लाइन कट गई थी, उसे फिर से जोड़ा जाएगा। टाटा की नवीनतम मशीनों से कबूतरखाने और आसपास के इलाके की सफाई की जाएगी। काम इस तरह से किया जाएगा कि किसी को कोई असुविधा न हो। हम लोगों के स्वास्थ्य के लिए पूरी सावधानी बरतेंगे।”


