मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) ने मानसून पूर्व सर्वेक्षण में मुंबई के द्वीप (आइलैंड) क्षेत्र की 82 सेस्ड इमारतों को अत्यंत खतरनाक (Highly Dangerous) घोषित किया है। इन इमारतों से निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


MHADA की ओर से शुक्रवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार, यह सर्वेक्षण उसके मुंबई बिल्डिंग रिपेयर्स एंड रिकंस्ट्रक्शन बोर्ड द्वारा किया गया। खतरनाक घोषित 82 इमारतों में से 43 इमारतें पिछले वर्ष भी इसी श्रेणी में शामिल थीं।
इन 82 इमारतों में कुल 2,736 लोग रहते हैं, जिनमें 2,256 आवासीय और 480 गैर-आवासीय किरायेदार एवं निवासी शामिल हैं।
MHADA ने बताया कि अब तक 176 आवासीय निवासियों को इमारत खाली करने के नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इनमें से 29 किरायेदार MHADA के ट्रांजिट कैंप में स्थानांतरित हो चुके हैं, जबकि 36 लोगों ने स्वयं वैकल्पिक आवास की व्यवस्था कर ली है।
प्राधिकरण के अनुसार, शेष निवासियों और किरायेदारों को भी चरणबद्ध तरीके से बेदखली नोटिस जारी किए जा रहे हैं और इमारतों को खाली कराने की कार्रवाई जारी है।
MHADA का अनुमान है कि 2,102 लोगों को ट्रांजिट कैंपों में स्थानांतरित करने की आवश्यकता होगी, जिसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं शुरू कर दी गई हैं।
प्राधिकरण ने खतरनाक इमारतों में रहने वाले नागरिकों से अपील की है कि वे निकासी अभियान में अधिकारियों का सहयोग करें और मानसून के दौरान किसी भी दुर्घटना, जान-माल के नुकसान से बचने के लिए सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
साथ ही, पुराने भवनों में रहने वाले लोगों से किसी भी प्रकार की संरचनात्मक कमजोरी, दरार या दुर्घटना की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने का आग्रह किया गया है।
संपर्क के लिए हेल्पलाइन नंबर:
MHADA नियंत्रण कक्ष: 23536945
MHADA नियंत्रण कक्ष: 23517423
मोबाइल: 9321637699
इसके अलावा नागरिक बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के नियंत्रण कक्ष से भी संपर्क कर सकते हैं।
MHADA ने स्पष्ट किया है कि मानसून के दौरान जर्जर इमारतों से होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकना उसकी प्राथमिकता है और इसके लिए व्यापक स्तर पर कार्रवाई की जा रही है।


