मुंबई वार्ता संवाददाता

लगातार हो रही भारी बारिश और समुद्र में आए ज्वार के कारण जुहू समुद्र तट पर बड़ी मात्रा में बहकर पहुंच रहे कचरे की सफाई के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने विशेष अभियान तेज कर दिया है। बीएमसी का घनकचरा प्रबंधन विभाग प्रतिदिन करीब 180 मीट्रिक टन कचरा एकत्र कर उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कर रहा है। पिछले 10 दिनों में लगभग 1,800 मीट्रिक टन कचरा हटाया जा चुका है।


बीएमसी के अनुसार, जुलाई की शुरुआत में मुंबई में 1,000 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज होने के कारण छोटे नालों और प्राकृतिक जलमार्गों का तैरता कचरा अरब सागर में बह गया था। अब ज्वार की लहरों के साथ वही कचरा दोबारा जुहू तट पर लौट रहा है, जिससे सफाई व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बना है।


करीब 7 किलोमीटर लंबे जुहू बीच पर इन दिनों प्रतिदिन लगभग 350 मीट्रिक टन कचरा बहकर आ रहा है। इस चुनौती से निपटने के लिए बीएमसी ने नियमित सफाई व्यवस्था के साथ अतिरिक्त मशीनरी और कर्मचारियों की तैनाती की है। स्थानीय विधायक अमित साटम ने भी अभियान की लगातार निगरानी की है, जबकि घनकचरा प्रबंधन विभाग के उप आयुक्त किरण दिघावकर के निर्देश पर अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।
सामान्य दिनों में जुहू बीच की सफाई के लिए 2 बीच क्लीनिंग मशीनें, 2 बॉबकैट, 10 डंपर, 1 जेसीबी और दो पालियों में 150 सफाई कर्मचारी तैनात रहते हैं, जिनकी मदद से प्रतिदिन लगभग 60 मीट्रिक टन कचरा हटाया जाता है। लेकिन इस मानसून में कचरे की मात्रा बढ़ने के कारण बीएमसी ने 1 अतिरिक्त बीच क्लीनिंग मशीन, 2 बॉबकैट, 5 डंपर, 1 जेसीबी, 2 ट्रैक्टर-ट्रॉली, 2 पोकलेन मशीनें और 90 अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों की तैनाती की है। इससे सफाई कार्य की गति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
बीएमसी ने बताया कि समुद्र तट पर मशीनों और मानवबल की मदद से लगातार सफाई अभियान चलाया जा रहा है। एकत्रित कचरे का तत्काल वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा रहा है ताकि समुद्र तट स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यटकों के लिए आकर्षक बना रहे।
बीएमसी ने नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे समुद्र तट या सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फैलाएं, कचरे का उचित निस्तारण करें तथा विशेष रूप से बारिश के मौसम में नालों और जलमार्गों में कचरा जाने से रोकने में सहयोग करें। बीएमसी का कहना है कि मुंबई के समुद्र तटों की स्वच्छता और समुद्री पर्यावरण के संरक्षण में नागरिकों की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है।


